मंडला में 18 दिवसीय ‘सृजन कार्यक्रम’ का गुरुवार को भव्य समापन हुआ। शासकीय जगन्नाथ उत्कृष्ट स्कूल में आयोजित इस समारोह में कैबिनेट मंत्री संपतिया उइके मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। कार्यक्रम में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए 80 बच्चों को आत्मरक्षा और कानून की बारीकियों का प्रशिक्षण दिया गया। आत्मरक्षा और डिजिटल जागरूकता पर दिया जोर समारोह को संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री संपतिया उइके ने कहा कि इस प्रशिक्षण ने युवतियों और बच्चों को न केवल शारीरिक रूप से मजबूत बनाया है, बल्कि उनमें कानूनी अधिकारों और डिजिटल सुरक्षा के प्रति आत्मविश्वास भी भरा है। उन्होंने जोर दिया कि आज के दौर में सुरक्षा के प्रति जागरूक होना ही सशक्तिकरण की पहली सीढ़ी है। 18 दिनों के इस शिविर ने प्रतिभागियों को आत्मनिर्भर बनाने का काम किया है। कमजोर वर्गों को मुख्यधारा से जोड़ना लक्ष्य पुलिस अधीक्षक रजत सकलेचा ने बताया कि इस कार्यक्रम के लिए विशेष रूप से उन बच्चों और बालिकाओं का चयन किया गया था, जिनके पास संसाधनों और जानकारी का अभाव है। उन्होंने कहा कि पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर शुरू की गई इस पहल का उद्देश्य जागरूक और सशक्त नागरिक तैयार करना है, जो भविष्य में ‘विकसित भारत 2047’ के सपने को सच करने में अपना योगदान दे सकें। पुलिस और संस्था के संयुक्त प्रयास से मिली सफलता यह पूरा प्रशिक्षण कार्यक्रम पुलिस विभाग और ISRD संस्था के सहयोग से संपन्न हुआ। समापन अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शिव कुमार वर्मा, स्कूल की प्राचार्य कल्पना नामदेव और महिला थाना प्रभारी आरती धुर्वे सहित अन्य अधिकारी व शिक्षक मौजूद रहे। अतिथियों ने प्रशिक्षण पूरा करने वाले बच्चों का उत्साहवर्धन किया और उन्हें प्रमाण पत्र भी प्रदान किए।


