मंडी की साधारण गृहिणी बनी उद्यमी:रिटेल आउटलेट मिला, स्वयं सहायता समूह से जुड़कर हर महीने कमा रही 1 लाख

हिमाचल प्रदेश में मंडी की बल्ह घाटी में बैरी गांव की एक साधारण गृहिणी से उद्यमी बनी रक्षा देवी आज अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणास्रोत बन गई हैं। शीतला स्वयं सहायता समूह से जुड़कर उन्होंने अपनी पहचान बनाई है। रक्षा देवी को कृषि विज्ञान केंद्र सुंदरनगर से मोटे अनाज के उत्पादों का प्रशिक्षण मिला। वह मल्टीग्रेन कचौरी, सिड्डू और कोदरे की चाय जैसे उत्पाद बनाती हैं। उनका समूह प्राकृतिक खेती से उत्पाद तैयार करता है। इनमें मल्टीग्रेन आटा, कोदरे, जौ, चावल, ज्वार का आटा, लोकल चावल और अलसी शामिल हैं। सोमवार-गुरुवार को बनता है सरसो का साग एसडीएम कार्यालय सुंदरनगर के पास जाइका (जापान इंटरनेशनल कॉरपोरेशन एजेंसी) के तहत उन्हें रिटेल आउटलेट मिला है। यहां से प्रतिमाह लगभग एक लाख रुपए की आमदनी हो रही है। यह स्वयं सहायता समूह बाजरा से लड्डू और पंजीरी, स्थानीय अचार, चटनी, स्क्वैश, घी और शहद भी बनाता है। सितंबर 2024 से समूह ने मोटे अनाज से नए उत्पाद बनाने शुरू किए हैं। ग्राहकों की मांग को देखते हुए हर सोमवार और गुरुवार को सरसों का साग, मक्की की रोटी और राजमाह-चावल भी बनाया जा रहा है। समूह प्रदेश के 15 अन्य समूहों से भी जुड़ा है।

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