विधायकों ने कहा- मंत्रियों के कार्यकलाप की समीक्षा होनी चाहिए, आज खरगे से मिल कर करेंगे शिकायत
कांग्रेस के पांच विधायक एक साथ बुधवार को दिल्ली पहुंचे और पार्टी के राष्ट्रीय नेताओं से मुलाकात की। इन विधायकों की अपनी पीड़ा और मांग है। विधायक राजेश कच्छप, भूषण बाड़ा, नमन विक्सल कोंगारी, सोनाराम सिंकू और सुरेश बैठा ने पहले इंदिरा भवन में प्रदेश कांग्रेस प्रभारी के राजू से मुलाकात की। इसके बाद वे पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और सांगठनिक मामलों के प्रभारी केसी वेणुगोपाल से मिले। इन विधायकों ने राज्य में सरकार गठन के एक साल बाद भी बोर्ड-निगम के गठन नहीं होने का मुद्दा उठाया और इसके गठन कराने की मांग की। विधायकों की नाराजगी कांग्रेस कोटे के मंत्रियों को लेकर भी थी। पांचों विधायक गुरुवार को पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से मुलाकात करेंगे। मालूम हो कि कांग्रेस कोटे के मंत्रियों में डॉ. इरफान अंसारी,शिल्पी नेहा तिर्की, दीपिका पांडेय सिंह व राधाकृष्ण किशोर हैं। कांग्रेस विधायक दल के उपनेता व विधायक राजेश कच्छप ने बताया कि हमलोग नेता या मंत्री के पुत्र होकर विधायक नहीं बने हैं। संगठन का दर्द बेहतर तरीके से समझते हैं। विधायक दल का उपनेता होने की वजह से अगर कोई उनके पास पीड़ा लेकर आएंगे तो वे हमेशा विधायकों के साथ ही खड़े मिलेंगे। हमलोगों की प्राथमिकता संगठन है। विधायक मंत्रियों के कार्यकलाप से खुश नहीं हैं। इसकी समीक्षा होनी चाहिए और संभव हो तो फेरबदल होना चाहिए। विधायक नमन विक्सल कोनगाड़ी ने कहा कि यह विधायकों की नार्मल विजिट है। संगठन समेत अन्य मुद्दों पर शीर्ष नेताओं से बात हुई है। पेसा नियमावली के बाद कई तरह की बातें हो रही हैं। इसलिए इस पर भी अपनी बातें रखी गई हैं। विधायक सुरेश बैठा ने कहा कि पार्टी के राष्ट्रीय नेताओं के समक्ष ज्यादातार बाते संगठन से जुड़ी हुई थी। संगठन को लेकर विधायकों की भी अपनी चिंताएं हैं, उससे आला नेताओं को अवगत कराया गया है। मंत्रियों के मुद्दे पर भी बातचीत हुई है।


