केंद्रीय बजट के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चार मंत्र दिए हैं। गरीब, किसान, महिला और युवा यही चार जातियां हैं। इन चारों पर फोकस करके कार्य किया जाएगा। इस बजट में विकसित भारत के साथ आत्मनिर्भर भारत की संकल्पना की गई है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने शून्य कर स्लैब को बढ़ाकर 2.5 लाख से 12 लाख किया है, जिससे मध्यम वर्ग को अपूर्व लाभ होगा। सरकार का बजट हर वर्ग की बचत और आय बढ़ाने वाला है। यह बात प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चेतन्य काश्यप ने शनिवार शाम अपने जनसंपर्क कार्यालय पर कही। मंत्री काश्यप भारतीय जनता पार्टी द्वारा आयोजित केंद्रीय बजट को लेकर प्रेस कांफ्रेंस कर रहे थे। उन्होंने बजट के मुख्य प्रावधानों पर प्रकाश डाला। कहा कि मध्यम वर्ग के लिए वर्ष 2014 में आय पर शून्य कर स्लैब ढाई लाख रुपए था, जो 2019 में 5 लाख और 2023 में 7 लाख किया गया। इस वर्ष के बजट में इसे 12 लाख कर दिया है। इससे मध्यम वर्ग को अपने दायित्व निभाने में काफी मदद मिलेगी। सरकार ने देश के युवाओं के भविष्य के लिए मध्यम वर्ग को सर्वाधिक महत्व दिया है। आयकर स्लैब के अलावा कई अन्य बजट प्रावधान भी इस वर्ग के विकास को प्रशस्त करने वाले हैं। हम आगे बढ़ रहे हैं
काश्यप ने कहा कि पूरी दुनिया के अंदर अर्थव्यवस्था में कमजोरी पर आ रही है, लेकिन हम 7 प्रतिशत से ज्यादा ग्रोथ रेट से आगे बढ़ रहे हैं और इस ग्रोथ रेट में बहुत सबसे बड़ा योगदान एमएसएमई का है। इसे बढ़ावा देने के लिए ढाई करोड़ तक के उद्योगों को अब सूक्ष्म माना जाएगा। जबकि पहले इसकी एक करोड़ तक की सीमा थी। इसी प्रकार 10 करोड़ तक लघु माने जाने वाले उद्योगों को 25 करोड़ किया गया है। 10 से 50 करोड़ तक के जो मध्यम उद्योग कहलाते थे, उन्हें 125 करोड़ तक कर दिया है। काश्यप ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश में उन्हें एमएसएमई विभाग की जिम्मेदारी दी है। विभाग कई दूर दृष्टि वाले कार्य कर रहा है। इसके तहत छोटे व्यापारी जो एमएसएमई का रजिस्टर्ड रहेगा उनको 5 लाख तक का एक कार्ड दिया जाएगा। यह जो कार्ड बजट में आया है इसका बहुत बड़ा क्रांतिकारी परिवर्तन लघु एवं मध्यम उद्योगों के लिए रहेगा। भाजपा जिला अध्यक्ष प्रदीप उपाध्याय, महापौर प्रहलाद पटेल, जिला महामंत्री निर्मल कटारिया, बजट कार्यक्रम प्रभारी जयवंत कोठारी, जिला मीडिया प्रभारी अरुण त्रिपाठी एवं सहप्रभारी नीलेश बाफना उपस्थित रहे।


