बालोद जिले में मंत्री के दौरे के दौरान ड्यूटी से गायब रहना जिला कार्यक्रम अधिकारी (डीपीओ) किशन टंडन क्रांति को भारी पड़ गया। महिला एवं बाल विकास विभाग ने गंभीर अनियमितताओं और कर्तव्य में लापरवाही के चलते उन्हें निलंबित कर दिया है। इस संबंध में विभाग की ओर से आदेश भी जारी कर दिए गए हैं। दरअसल, 15 अप्रैल को महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े बालोद जिले के प्रवास पर थीं। निरीक्षण के दौरान डीपीओ किशन टंडन क्रांति जिला मुख्यालय से नदारद थे। इस दौरान निरीक्षण में कई खामियां भी उजागर हुईं है। निरीक्षण में मिली कई खामियां निरीक्षण के दौरान पाररास आंगनबाड़ी केंद्र में उपस्थिति वास्तविक से अधिक दर्ज की गई थी। पोषण ट्रैकर ऐप में टी.एच.आर. की प्रविष्टि अधूरी पाई गई और रिकॉर्ड भी अद्यतन नहीं थे। सखी वन स्टॉप सेंटर की गतिविधियां सुस्त विभाग से जारी पत्र में लिखा है कि सखी वन स्टॉप सेंटर की गतिविधियां भी सुस्त पाई गईं है। करकाभाठ आंगनबाड़ी केंद्र में सफाई व्यवस्था बेहद खराब मिली। इन सभी लापरवाहियों को गंभीरता से लेते हुए सरकार ने किशन टंडन क्रांति को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका कार्यस्थल अब बिलासपुर जिले का महिला एवं बाल विकास विभाग होगा। उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा।


