कोंडागांव जिले के केशकाल वनमंडल में वन सीमा सुरक्षा सप्ताह का शुभारंभ किया गया। शुक्रवार से शुरू हुआ यह कार्यक्रम 24 अप्रैल 2025 तक चलेगा। वनमंडलाधिकारी गुरुनाथन एन ने फरसगांव परिक्षेत्र के लंजोडा परिसर का निरीक्षण किया। उन्होंने वन अमले को मुनारा सत्यापन, वृक्षारोपण और तेंदूपत्ता तोड़ाई के कार्यों के लिए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए। गुरुनाथन ने कहा कि वन सीमाओं का सटीक सीमांकन और नियमित संधारण बेहद जरूरी है। पंचवर्षीय सीमांकन योजना के तहत हर साल वन सीमाओं के पांचवें हिस्से का सीमांकन किया जाता है। साथ ही मुनारों की मरम्मत और रखरखाव भी होता है। पिछले कुछ सालों में बड़ी संख्या में पक्के मुनारों का निर्माण हुआ है। इससे सीमा विवाद कम हुए हैं और वन संरक्षण को मजबूती मिली है। वन सुरक्षा के प्रति बढ़ाई जाएगी जनजागरूकता कार्यक्रम में प्रशिक्षु आईएफएस गौतम नारायण पादिभर, उप वनमंडलाधिकारी टी.आर. मरई और फरसगांव परिक्षेत्र अधिकारी आर.एस. यादव समेत अन्य वन कर्मचारी मौजूद रहे। इस सप्ताह के दौरान विभिन्न गतिविधियों के जरिए वन सुरक्षा के प्रति जनजागरूकता बढ़ाई जाएगी।


