मंत्री व प्रमुख सचिव ने की जनता से बात, कई सवाल अनुत्तरित यूनियन कार्बाइड का जहरीला कचरा गुरुवार तड़के 4.16 बजे पीथमपुर स्थित रामकी कंपनी पहुंच गया। भोपाल से खतरनाक कचरा रवाना होने के बाद से पुलिस अलर्ट पर थी। रात 1.30 बजे पुलिस अफसर कंपनी के गेट पर पहुंचे और आसपास के 200 मीटर एरिया को सील कर दिया। तड़के चार बजे जैसे ही कचरे के कंटेनरों ने पीथमपुर की सीमा में प्रवेश किया तो कंपनी परिसर से ही ड्रोन उड़ाकर तारपुरा गांव के हर घर के छत की मॉनिटरिंग की गई। सभी 12 कंटेनर अभी वहीं खड़े हैं। इसके विरोध में गुरुवार को पीथमपुर में रैली निकाली गई, जिसमें स्कूली बच्चों, युवाओं से लेकर नेताओं व व्यापारी भी शामिल हुए। पीथमपुर बचाओ समिति के डॉ. हेमंत हिरोले, सलीम शेख, हाजी सदर मुन्ना वारसी ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना दिया। शुक्रवार को पीथमपुर बंद का आह्वान किया गया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी मामले को लेकर पूर्व स्पीकर सुमित्रा महाजन से मिले। विधायक भंवरसिंह शेखावत ने कहा यदि कचरे में कोई नुकसान नहीं है तो उसे उज्जैन में ही क्यों नहीं जलाया जाता। सावधानी के लिए सेहत पर नजर
स्टाफ का ब्लड टेस्ट हुआ, बीमा भी कराया पीथमपुर में भोपाल के कचरे की पैकिंग करने भेजे गए अमले का पहले ब्लड टेस्ट कराया और फिर बीमा। उनके आधार कार्ड, समग्र आईडी, घर के मुखिया की आईडी जैसे दस्तावेज भी लिए गए। कर्मचारियों ने बताया कि हर माह 800 रुपए बीमा के कटते हैं। कंटेनर के ड्राइवर को प्रत्येक घंटे के हिसाब से पांच हजार रुपए का भुगतान किया गया है। कचरा भरने से यहां तक आने के दौरान सभी के बीपी, शुगर की जांच की गई। भोपाल में सीएम का दावा
25 साल में कचरे का जहर खत्म हो गया उधर, भोपाल में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि पीथमपुर में कचरे का निस्तारण सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के तहत सावधानी से किया जा रहा है। यूनियन कार्बाइड के कचरे का निपटान 40 साल के बाद कर रहे हैं। इसके हानिकारक प्रभाव खत्म हो गए हैं। इसमें मौजूद 7 नेप्थाल का प्रभाव 25 साल में समाप्त हो जाता है। इसलिए मिथ गैस जैसे प्रभाव नहीं होंगे। भास्कर लाइव -अफसर बोले- कोर्ट की गाइड लाइन से होगा काम गुरुवार को मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की अगुआई में धार-पीथमपुर, इंदौर के जनप्रतिनिधि और आमजन ने विशेषज्ञों के साथ चर्चा की। मंत्री तुलसी सिलावट, सांसद शंकर लालवानी, धार विधायक नीना वर्मा व अन्य जनप्रतिनिधियों ने कहा, पीथमपुर ही नहीं इंदौर को भी बचाना चाहिए। सभी की बात सुनने के बाद मंत्री ने कहा, यह सब सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर हो रहा है। 25 साल के बाद कचरा निस्तेज हो चुका है। थोड़ा-थोड़ा जला कर रिपोर्ट पेश की जाएगी। यदि कुछ खराब रहा तो कोर्ट में अपनी बात रखेंगे, जरूरी हुआ तो बदलाव भी करेंगे। भोपाल का कचरा इंदौर में क्यों जला रहे हैं? डीएसटी, नीरी सभी की रिपोर्ट में अंतर है? – डॉ. संजय लोंढे प्रमुख सचिव – सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन से प्रक्रिया होगी। कोर्ट ने सभी पहलू पर विचार के बाद ही कहा है। कचरा जलने के बाद जो केमिकल कंपोजीशन होगा, गैसेस निकलेगी, इसका प्रभाव क्या होगा? ठंड के मौसम को भी नहीं देखा? – अतुल सेठ प्रमुख सचिव विवेक पोरवाल- कचरा 40 साल पुराना है। जहरीले तत्व नहीं के बराबर हैं। कचरे में 60% मिट्टी, 40% नेप्थाल व अन्य है। इनकी भी तीव्रता शून्य हो गई है। 59 पैरामीटर पर जांच की जा चुकी है। जिसमें 29 प्रेजेंट है, शेष ट्रेस नहीं हुए हैं। कचरे में 1 टन मर्करी है, लेड व अन्य कैंसर कारक केमिकल हैं। सतही जांच की गई है। चर्म रोग, अस्थमा, बीपी की जांच करा ली है। कैंसर व अन्य घातक बीमारियों की नहीं कराई। ये तत्व क्षेत्र की पानी, मिट्टी खराब कर रहे हैं। पीथमपुर, महू में कैंसर व अनुवांशिक बीमारियां फैल रही हैं।- डॉ एस नैय्यर व डॉ विनीता कोठारी मंत्री विजयवर्गीय – मप्र सरकार ने रिपोर्ट नहीं दी है। बड़ी संस्थाओं की जांच पर आधारित है। आप एक नोट बना कर दें, इसे सरकार के समक्ष रखेंगे। एक-एक जांच कराएंगे। फास्जीन व मिथाइल आईसो साइनाइड जैसी गैसों का खतरा नहीं है। एनपीएल पुणे, आईआईएससी बेंगलुरू, आईआईटी कानपुर, मुंबई से केमिकल कंपोजीशन की जांच कराएं। तब तक कार्रवाई स्थगित रखें।- डॉ एसएल गर्ग
मंत्री विजयवर्गीय – इस पर जरूर विचार करेंगे। रामकी की लोकेशन ऐसी है, जिससे पीथमपुर ही नहीं आसपास की मिट्टी व यशवंत सागर तक का पानी प्रभावित होगा।- रहवासी मंत्री – कचरा जलाने के बाद लगातार जांच होगी। यदि गड़बड़ी आएगी तो प्रक्रिया में बदलाव करेंगे। हेवी मेटल जलने के बाद भी प्रभावित करते हैं। इफेक्ट का अध्ययन नहीं। – प्रो विवेक, दिल्ली विवि प्रमुख सचिव – कचरे के मानक तय किए हैं। उसी आधार पर टेस्ट करेंगे।


