मंत्री खर्रा बोले- श्यामनगर की समस्या का होगा जल्द समाधान:विधायकों का पैसे लेना लोकतंत्र के लिए दुर्भाग्यपूर्ण, पार्टी कार्रवाई करें

नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने जोधपुर दौरे पर पहुंचे। यहां उन्होंने नगर निगम और जेडीए के अधिकारियों की बैठक ली। इसके साथ ही उन्होंने लोगों सर्किट हाउस में जनसमस्याएं भी सुनी। खर्रा ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि जोधपुर विकास प्राधिकरण और जोधपुर नगर निगम के अधिकारियों के साथ जोधपुर की समस्याओं पर चर्चा की। उनमें जिनमें एक विशेष रूप से बहुत लंबे समय से लंबित श्याम नगर की समस्या थी। उसके संबंध में जब मैं घर द्वार जोधपुर आया था उसे समय भी चर्चा हुई थी, उसकी प्रगति को लेकर आज फिर उनसे चर्चा हुई हहै। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि जब नगर विकास न्यास जोधपुर था उसे समय श्याम नगर योजना की परिकल्पना करके सृजित की गई थी। उसकी शिकायत होने पर भ्रष्टाचार निरोधक विभाग में कोई प्रकरण दर्ज हुआ और श्याम नगर के मूल कागजात ,मूल पत्रावली भ्रष्टाचार निरोधक ने जब्त कर ली थी। जो सिरोही चौकी में है। नगर विकास न्यास के स्थान पर अब जोधपुर विकास प्राधिकरण अस्तित्व में आ चुका है तो जोधपुर विकास प्राधिकरण के अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि रिकॉर्ड जब्ती जोधपुर नगर विकास न्यास कालखंड में हुई थी तो उसे वापस प्राप्त करने का अधिकार अब जोधपुर विकास प्राधिकरण में निहित हो गया तो आने वाले एक दो सप्ताह में भ्रष्टाचार निरोधक विभाग की सिरोही चौकी से संपर्क करके और वह मूल रिकॉर्ड वापस प्राप्त करें। शीघ्र समाधान के दिए निर्देश उन्होंने आगे कहा- इसके साथ ही उसे प्रकरण में जो भी अंतिम निर्णय हुआ है उसे भी प्राप्त कर करके वह रिकॉर्ड नगर निगम को विधिवत रूप से स्थानांतरित करें, ताकि इसकी समस्या के संबंध में आगे की कार्रवाई की जा सके। मैने जयपुर प्रमुख शासन सचिव नगर विकास और शासन सचिव स्वायत्त शासन विभाग को रूप से बैठक कर कहा कि दोनों अपने-अपने जोधपुर विकास प्राधिकरण और जोधपुर नगर निगम के अधिकारियों से चाहे वीसी के माध्यम से संपर्क करें और चाहे एक वैसे मीटिंग बुलाकर सभी चीजों का मंथन कर जो भी अंतिम दिशा निर्देशों को यथाशीघ्र देखकर श्याम नगर की समस्या के समाधान का मार्गदर्शन करें। विधायकों का रिश्वत लेना लोकतंत्र के लिए दुर्भाग्यपूर्ण विधायकों के विधायक निधि से राशि जारी करने की एवज में रिश्वत लेने के संबंध में उन्होंने कि जैसा सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी मेरे सामने आई है, यह भारतीय लोकतंत्र के लिए बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। अगर जैसा सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी में आया है कि तीन-तीन विधायक को इस प्रकार के प्रकरण में शामिल हैं, उनके कुछ फोटोग्राफ्स, क्लिप सामने आए हैं। उससे पहले भी एक विधायक राजस्थान विधानसभा में प्रश्न लगाकर, प्रश्न को वापस लेने या प्रश्न केउत्तर प्राप्त नहीं करने का प्रयास करने के बाद में रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया था तो वास्तव में यह भारतीय लोकतंत्र के लिए बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है खर्रा ने कहा- मैं उम्मीद करुंगा कि राजस्थान विधानसभा में एक सदाचार समिति बनी हुई है, सदाचार समिति इस विषय पर संज्ञान लेकर सोशल मीडिया पर जो भी सूचनाएं प्रसारित हो रहे हैं उसका संज्ञान लेकर गहनता से जांच कर अगर कोई दोषी पाया जाता तो उसके खिलाफ उचित कार्रवाई का प्रस्ताव विधानसभा अध्यक्ष को प्रस्तुत के सामने प्रस्तुत करेंगे। विधानसभा अध्यक्ष सदन के सामने प्रस्तुत कर उचित कार्रवाई करेंगे। पार्टी करे कार्रवाई वहीं, ऐसे विधायकों के खिलाफ पार्टी के स्तर पर कार्रवाई करने के सवाल पर कहा कि जिन-जिन पार्टी के विधायकों के प्रति की सूचनाओं लीक हो रही उन पार्टियों का भी नैतिक दायित्व बनता है कि वो अपने- अपने विधायकों के खिलाफ पार्टी स्तर पर आवश्यक कार्रवाई करेंगे।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *