कांग्रेस द्वारा मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के बार-बार दिल्ली दौरों को लेकर उठाए जा रहे सवालों पर पलटवार करते हुए मंत्री राज्यवर्द्धन सिंह राठौड़ ने कहा कि कांग्रेस के नेता दिल्ली एक परिवार के धोक लगाने जाते थे। इन्होने हमेशा एक परिवार के हितों की सेवा में दिल्ली का रुख किया हैं। जबकि हमारी डबल इंजन की सरकार जनता और प्रदेश के विकास कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए दिल्ली जाती है। राठौड़ ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को जनता से कोई सरोकार नहीं हैं। उन्होने तो हमेशा अपनी पार्टी के नेताओं को नाकारा, निकम्मा कहा हैं। मंत्री राठौड़ आज बीजेपी कार्यालय में कार्यकर्ता सुनवाई के बाद मीडिया को संबोधित कर रहे थे। दूसरे दिन 90 कार्यकर्ताओं की हुई सुनवाई
बीजेपी कार्यालय में आयोजित कार्यकर्ता सुनवाई के दूसरे दिन मंत्री राज्यवर्द्धन सिंह राठौड़ और मंत्री बाबूलाल खराड़ी ने करीब 90 कार्यकर्ताओं की सुनवाई की। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने राजस्व, निगम, मेडिकल सहित कई विभागों से जुड़ी समस्याएं मंत्रियों के सामने रखी। लेकिन सबसे अधिक शिकायतें तबादलों से संबंधित थी। इस पर मंत्री राज्यवर्द्धन सिंह राठौड़ ने कहा कि जरूरत और परिस्थितियों के अनुसार इन मामलों को संबंधित विभागों को भेजकर निस्तारण कराया जाएगा। कुछ अर्जियों को मुख्यमंत्री स्तर पर राहत के लिए रेफर किया गया है। इसके साथ ही एक विस्तृत सूची भी तैयार की जाएगी। जिसमें प्राथमिकता के आधार पर तबादलों पर निर्णय लिया जाएगा। पहले दिन पहुंचे थे केवल 20-25 कार्यकर्ता
सरकार बनने के करीब दो साल बाद बीजेपी में 1 दिसम्बर से कार्यकर्ता सुनवाई शुरू हुई है। लेकिन कार्यकर्ता सुनवाई शुरू होने से पहले इसका शेड्यूल जारी नहीं होने पर पहले दिन सोमवार को केवल 20 से 25 कार्यकर्ता ही बीजेपी कार्यालय पहुंचे। वहीं जिन मंत्रियों को कार्यकर्ता सुनवाई करनी थी, उन्हें भी आनन-फानन में सुबह ही सूचना दी गई। ऐसे में पहले दिन कार्यकर्ता सुनवाई में मंत्री खाली ही बैठे रहे। लेकिन आज दूसरे दिन का शेड्यूल एक दिन पहले जारी होने का असर देखने को मिला। आज कार्यकर्ताओं की संख्या में चार गुना का इजाफा देखा गया। पार्टी ने सोमवार रात कार्यकर्ता सुनवाई का एक महीने का शेड्यूल जारी कर दिया था।


