मंदसौर के रुद्राक्ष माहेश्वरी भवन में चार्य रामानुज ने प्रेस कान्फ्रेंस को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा- नकारात्मकता तो चारो तरफ है। लेकिन, इसमें सकारात्मकता को ढूंढ कर गतिमान करे तो हमारा मंदसौर बहुत उन्नति करेगा। बता दें कि, आचार्य रामानुज 4 से 12 जनवरी तक प्रतिदिन दोपहर 1 से 4 बजे तक रुद्राक्ष माहेश्वरी भवन में आयोजित रामकथा सुनाएंगे। आचार्य ने कहा- पहली बार जब मंदसौर आया था, रुद्राक्ष माहेश्वरी धर्मशाला के इसी परिसर में शतचंडी यज्ञ हुआ था। उसमें हर दिन धर्मसभा होती थी, तब गरीब कन्याओं के विवाह का संकल्प आया था, जो आज पूरा हो रहा है। यह रामकथा उसी संकल्प की पुनरावृत्ति है। आचार्य ने कहा कि जिंदगी भी कभी संवाद के राजमार्ग पर सरपट दौड़ती है तो मुस्काती है, लेकिन वही जिंदगी विवाद की भवाटरी में अटक जाए तो खो जाती है। यह सच्चाई है कि चाहे कितना भी विवाद कर लो, अंत में सत्य अवश्य मुस्काता है। यह आयोजन होंगे श्री हरिकथा आयोजन समिति के अध्यक्ष नरेंद्र अग्रवाल बताया कि 4 जनवरी को दोपहर साढे 12 बजे तलाई वाले बालाजी मंदिर से कलश यात्रा प्रारंभ होगी। जो नगर के मुख्य मार्गों से होती हुई रुद्राक्ष माहेश्वरी भवन पहुंचेगी। यहां व्यास पीठ से आचार्य रामानुजजी रामकथा सुनाएंगे। अग्रवाल ने बताया कि रामकथा 21 कन्याओं के विवाह संकल्प के साथ हो रही हैं। दानदाताओं और समाज सेवियों के सहयोग से अक्षय तृतीया पर विवाह का आयोजन होगा। कन्याओं को एक लाख रुपए तक की सामग्री दी जाएगी।


