मंदसौर में विश्व हिंदू परिषद (विहिप) और बजरंग दल ने बुधवार को जिला शिक्षा कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन आगामी क्रिसमस डे पर स्कूलों द्वारा बच्चों पर क्रिसमस मनाने और सांता क्लॉज की वेशभूषा पहनने का दबाव बनाने के आरोप में किया गया। प्रदर्शन के दौरान, कार्यकर्ताओं ने जिला शिक्षा अधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा। उन्होंने चेतावनी दी कि बच्चों पर किसी भी प्रकार का धार्मिक दबाव स्वीकार नहीं किया जाएगा। विहिप पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि कई स्कूल खुद को ‘आधुनिक’ दिखाने के लिए क्रिसमस पर विशेष सजावट करते हैं और बच्चों को सांता क्लॉज की ड्रेस पहनने के लिए मजबूर करते हैं। उनका कहना था कि भारत में ईसाई समाज की जनसंख्या लगभग 4 प्रतिशत है। बोले- दिवाली जैसे त्योहारों पर सजावट नहीं होती
पदाधिकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि इन्हीं स्कूलों में दिवाली, गणेश चतुर्थी या अन्य हिंदू त्योहारों पर न तो कोई विशेष सजावट की जाती है और न ही कोई आयोजन होता है। इसे उन्होंने भेदभावपूर्ण रवैया बताया। परिषद ने विशेष रूप से कॉन्वेंट स्कूलों से मांग की कि वे हिंदू बच्चों पर क्रिसमस मनाने या सांता क्लॉज बनने का दबाव न डालें। DEO बोले- वेशभूषा अपनाने के लिए दबाव न बनाएं
संगठन ने सभी त्योहारों के प्रति समान सम्मान और बच्चों की धार्मिक स्वतंत्रता सुनिश्चित करने पर जोर दिया। मामले पर जिला शिक्षा अधिकारी टेरेसा मिन्ज ने प्रतिक्रिया दी। कहा कि स्कूलों को निर्देश जारी किए जाएंगे कि वे किसी छात्र पर किसी विशेष धार्मिक कार्यक्रम या वेशभूषा को अपनाने के लिए दबाव न बनाएं। विहिप और बजरंग दल ने चेतावनी दी कि मांगों पर अमल नहीं हुआ, तो वे भविष्य में और उग्र आंदोलन करेंगे।


