विदिशा के मोहन गिरी इलाके में एक पुराने गणेश मंदिर की जमीन को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद हो गया। यह विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों ओर से पथराव शुरू हो गया, जिसमें दोनों पक्षों के कुछ लोग घायल हो गए। सूचना मिलने पर डायल-112 की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। इसके बाद दोनों पक्ष शिकायत दर्ज कराने कोतवाली थाने पहुंचे। स्थानीय निवासियों के अनुसार, मोहन गिरी में एक चबूतरे पर सालों पुराना गणेश मंदिर बना हुआ है। इसी चबूतरे की भूमि को लेकर पास में रहने वाले रघुवंशी परिवार और मोहल्ले वालों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा है। रहवासियों का आरोप है कि पूजा-अर्चना के दौरान अक्सर विवाद होता है। आज भी इसी बात पर कहासुनी शुरू हुई, जो जल्द ही पथराव में बदल गई। आरोप है कि रघुवंशी परिवार की ओर से छत से पत्थर फेंके गए, जिसके जवाब में मोहल्ले के लोगों ने नीचे से पथराव किया। वहीं, रघुवंशी परिवार का दावा है कि जिस स्थान पर मंदिर बना है, वह उनकी निजी भूमि है। परिवार की एक युवती ने बताया कि मंदिर उनकी जमीन पर है। उन्होंने आरोप लगाया कि मोहल्ले के लोग मंदिर का निर्माण कर रहे थे और ‘जिन्न बाबा’ के चबूतरे को तोड़ रहे थे। जब उन्होंने इसका विरोध किया, तो विवाद शुरू हो गया, जिसके बाद गाली-गलौज और पथराव हुआ। इस घटना में उनके पिता और वह स्वयं घायल हो गईं। कोतवाली थाना प्रभारी आनंद राज ने बताया कि मंदिर की जमीन को लेकर दो पक्षों में विवाद हुआ है। रघुवंशी परिवार जमीन को अपनी निजी संपत्ति बता रहा है और रजिस्ट्री होने का दावा कर रहा है, जबकि दूसरा पक्ष मंदिर को सार्वजनिक संपत्ति बता रहा है। पुलिस ने फिलहाल दोनों पक्षों को समझाया है। जमीन के वास्तविक स्वामित्व की जांच के लिए मामला राजस्व विभाग को भेजा जा रहा है। भविष्य में किसी भी विवाद को रोकने के लिए दोनों पक्षों के खिलाफ बांड ओवर की कार्रवाई की जा रही है।


