बालोतरा जिले की समदड़ी पुलिस ने ऑपरेशन अश्ववेग के तहत मंदिर चोरी का खुलासा करते हुए दो चोरों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने पांच दिन पहले मंदिर में से दानपेटी चुरा कर ले गए थे। फिलहाल पुलिस चोरों से अन्य चोरी की वारदातों को लेकर पूछताछ कर रही है। पुलिस के अनुसार 29 दिसंबर को उमाकांत गिरी ने रिपोर्ट दी थी। जिसमकें बताया कि 29 दिसंबर को सुबह करीब भगवान नागाजी के दर्शन के लिए मंदिर पहुंचा। वहां पर रखी मुख्य दान पेटी मौक से गायब है। इस पर मैंने भक्तों और गांव के मौजिज लोगों को सूचना दी। वहीं रात में गश्त में तैनात मांगुसिंह को मंदिर चोरी की सूचना दी। पुलिस भी सुबह जल्दी पहुंच गई थी। दान पेटी टंकी के पास फेंक कर रुपए लेकर हुए फरार पुलिस टीम ने आसपास तलाश की गई तो भवरानी मार्ग स्थित ओरण इलाके में पानी की टंकी के बुस्टर के पास मुख्य दान-पेअी टूटी हुई मिली। जो पूरी खाली थी। जांच में पाए तीन संदिग्ध पुलिस की प्रारंभिक जांच में तीन युवक जिनके चेहरे कपड़े से ढके हुए थे। जो पेंट-शर्ट पहने हुए भवरानी मार्ग की ओर जाना पाया गया। नागाजी मंदिर खंडप गांव एवं आसपास के इलाके में स्थित एक प्रसिद्ध धार्मिक मंदिर है। उदयपुर से किया चोरों को डिटेन समदड़ी थानाधिकारी नरपतदान ने बताया-थाना स्तर पर टीम बनाई गई। टीम ने तकनीकी, पारंपरिक पुलिसिंग के आधार पर कड़ी से कड़ी जोड़ी। चोरों की पहचान कर संदिग्ध हुसिया उर्फ हुसाराम व बादाराम उर्फ नारायणराम को जिला उदयपुर के दुर्गम एवं पहाड़ी इलाके में कठिन मार्गों से होते हुए पहाड़ी इलाका बेकरिया उदयपुर से डिटेन किया गया। चोरीकी वारदात को कबूल किया। पाली व सिरोही मंदिरों में चोरी करना किया स्वीकार अब तक की पूछताछ में आरोपी हुसिया उर्फ हुंसाराम पुत्र शर्माराम निवासी बाकावास बेकरिया उदयपुर, बादाराम उर्फ नारायणराम पुत्र थावराराम निवासी मालवीया हाल कालियापानी बांकावास बेकरिया उदयपुर ने भाद्राजून-पाली व सिरोही मंदिरों में चोरी करना स्वीकार किया है। आरोपियों से अन्य चोरी की वारदातों का खुलासा होने की संभावना है। फिलहाल पुलिस चुराए माल बरामदगी और पूरे नेटवर्क के संबंध में पूछताछ कर रही है। इनपुट : महावीर सेन


