घग्गर नदी से डीसिल्टिंग की आड़ में रेत खनन:डेराबस्सी में पाइप डालकर बनाया रास्ता, एसडीएम बोले- नहीं की जा सकती

मोहाली जिले में डेराबस्सी के पास घग्गर नदी में डीसिल्टिंग (नदी की सफाई) के नाम पर चल रहे कार्य पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि सरकार और प्रशासन के निर्देशों की अनदेखी कर नदी से गाद की बजाय कीमती रेत का अवैध खनन किया जा रहा है। यह कार्य नदी के प्राकृतिक बहाव को सुचारु रखने के उद्देश्य से शुरू किया गया था। मौके पर ठेकेदारों द्वारा बड़ी मशीनों का उपयोग कर रेत निकाली जा रही है। इसके लिए घग्गर नदी के बीचों-बीच भारी पाइप बिछाकर एक अस्थायी रास्ता बनाया गया है। पानी के प्राकृतिक बहाव में बड़े पाइप डालकर बनाई गई इस कच्ची सड़क से नदी का प्रवाह बाधित हो रहा है। गाद निकालने की आड़ में रेत खनन स्थानीय निवासियों का कहना है कि यदि इस पर समय रहते रोक नहीं लगाई गई, तो आने वाले दिनों में बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है। लोगों का आरोप है कि गाद निकालने की आड़ में दिन-रात रेत से भरे टिप्पर नदी से बाहर भेजे जा रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि यह सारा काम खुलेआम हो रहा है, लेकिन संबंधित विभागों के अधिकारी कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। इससे लोगों में रोष बढ़ता जा रहा है। क्षेत्रवासियों ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच और नदी के प्राकृतिक स्वरूप से छेड़छाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। एसडीएम बोले- नहीं की जा सकती डीसिल्टिंग इस संबंध में, डेराबस्सी के एसडीएम अमित गुप्ता ने स्पष्ट किया कि घग्गर नदी के बहाव में पाइप डालकर इस तरह डीसिल्टिंग नहीं की जा सकती, क्योंकि नियमों के अनुसार बहते पानी को रोका नहीं जा सकता। वहीं, माइनिंग विभाग के एसडीओ रमनदीप सिंह ने कहा कि नियमों के तहत अस्थायी रास्ता बनाया जा सकता है और यह सारा काम गाद निकालने के लिए ही किया जा रहा है। अधिकारियों के इन विरोधाभासी बयानों ने मामले को और भी पेचीदा बना दिया है।

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