महाकाल मंदिर में रुपए लेकर श्रद्धालुओं को अवैध तरीके से दर्शन कराने के मामले में रविवार को सत्कार अधिकारी अभिषेक शर्मा को भी जेल भेज दिया गया। महाकाल थाना पुलिस का कहना है कि भस्मआरती प्रभारी रितेश शर्मा फरार है, जिसके पकड़े जाने पर आरोपियों की संख्या बढ़ेगी। कुछ कर्मचारी व गार्ड की भूमिका संदेहास्पद हैं व पुलिस जानकारी निकलवा रही है। महाकाल थाना टीआई नरेंद्रसिंह परिहार ने बताया कि रितेश के पास मंदिर से जुड़ी बहुत जानकारी है, उसके सभी साथियों ने उसी का नाम लिया है।
रुपए लेकर अवैध तरीके से दर्शन कराने के मामले में क्रिस्टल कंपनी के दो गार्ड समेत आठ आरोपियों के खिलाफ नामजद केस दर्ज किया है व सात आरोपी जेल भेजे जा चुके हैं। भस्मआरती प्रभारी रितेश कार्रवाई की भनक लगने के बाद से ही फरार है। जांच अधिकारी एसआई जितेंद्र झाला का कहना है कि रितेश का मोबाइल बंद है व उसकी तलाश में संबंधित ठिकानों पर पता कर रहे हैं। गिरफ्तार आरोपियों की कॉल डिटेल के अलावा बैंक खातों की भी जांच जारी है। गिरफ्तार क्रिस्टल कंपनी के गार्ड ओमप्रकाश माली, जितेंद्र परमार के खातों में ही डेढ़ से दो लाख रुपए के ट्रांजेक्शन मिले है। उक्त आधार पर आगे की जांच की जा रही है व आरोपियों की संख्या बढ़ने की पूरी संभावना है। भस्मआरती प्रभारी के पकड़ में आने के बाद काफी कुछ सामने आएगा।” विधायक ने सीएम को लिखी चिट्ठी- विशेष जांच समिति बने तराना विधायक महेश परमार ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को रविवार को चिठ्ठी लिखी है। पत्र में महाकाल मंदिर की व्यवस्था सुधारने का मुद्दा उठाया गया है। लिखा है कि अवैधानिक गतिविधियों की निष्पक्ष जांच के लिए एक समिति का गठन किया जाए। दर्शन के लिए भी पारदर्शी और ऑनलाइन प्रणाली विकसित की जाए। ये गंभीर मामला है व ठोस कदम नहीं उठाए गए तो कांग्रेस पार्टी चरणबद्ध आंदोलन करेगी।


