भास्कर न्यूज | अमृतसर परमात्मा के द्वारा बनाया मानव एक अद्भुत कलाकृति है। यह संसार एक सुंदर रचना है किंतु मानव अपने स्वार्थ के लिए इस रचना का अंत करने में लगा हुआ है। चौक पासियां स्थित अध्यात्म केंद्र प्राचीन मंदिर श्री जय कृष्णिया में विश्व शांति के लिए अरदास की गई। भक्तों द्वारा जय कृष्णिया पंथ के प्रसिद्ध संकट निवारण स्तोत्र ‘संकष्टवज्र पंजरू’ का सामूहिक पाठ किया गया। अरदास के दौरान मंदिर के संचालक धर्मगुरु दर्शनाचार्य सागर मुनि शास्त्री ने कहा कि मानवता और इंसानियत का धर्म सर्वोपरि होता है। परमात्मा के द्वारा बनाई यह सृष्टि बहुत अनमोल है इसे निजी स्वार्थों के लिए नष्ट करना उचित नहीं है। आपस में प्रेम और सद्भावना से रहना चाहिए। वर्तमान स्थिति को देखते धर्म गुरु शास्त्री जी ने चिंता व्यक्त की है। उन्होंने संगत से अपील की है कि वह प्रभु नाम का अधिक से अधिक सिमरन करते हुए प्रशासन का सहयोग करे। जिला प्रशासन द्वारा दिए प्रत्येक निर्देशों की पालन करें। इसमें मंदिर के प्रधान कार्यकर्ता अंजना लूथरा, नीलम महाजन, शुभ सरीन, गौतम सरीन, अमित शिंगारी, राकेश महाजन, रानी बाई, पूजा शिंगारी समेत कई भक्त मौजूद रहे।


