भास्कर न्यूज | जामताड़ा मई का महीना खेती के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। इस समय किसान खरीफ फसलों की बुआई की तैयारी शुरू कर देते हैं। जिला कृषि पदाधिकारी लव कुमार के अनुसार इस समय यदि सही फसलों का चयन कर उचित तकनीकों का पालन किया जाए तो आगामी मौसम में अच्छी पैदावार सुनिश्चित की जा सकती है। मई में मुख्यतः धान, मक्का, बाजरा, सोयाबीन, अरहर (तुअर) जैसी खरीफ फसलों की बुआई की जाती है। इसके अलावा भिंडी, करेला और लौकी जैसी हरी सब्जियों की खेती भी लाभकारी रहती है। जलवायु और मिट्टी के अनुसार फसलों का चयन करना अत्यंत आवश्यक है ताकि किसान अधिक उत्पादन प्राप्त कर सकें। फल उत्पादन की दृष्टि से भी मई उपयुक्त माना जाता है। आम, जामुन, नींबू, कटहल और पपीते के नए पौधों का रोपण इस माह में किया जा सकता है। हालांकि, गर्मी अधिक होने के कारण सिंचाई की समुचित व्यवस्था अनिवार्य है। किसानों को सलाह दी गई है कि बुआई से पहले खेत की गहरी जुताई करें और जैविक या रासायनिक खाद का संतुलित प्रयोग करें। बीज उपचार कर रोगों और कीटों से फसलों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है। मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार इस वर्ष मानसून सामान्य रहने की संभावना है, जिससे खरीफ फसलों की पैदावार बेहतर रहने की उम्मीद जताई जा रही है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे समय से बुआई कर कृषि वैज्ञानिकों की सलाह का पालन करें, जिससे उन्हें अधिक लाभ मिल सके।


