13 दिन से पाक हिरासत में BSF जवान पीके साहू:फ्लैग मीटिंग बुलाने पर भी पाकिस्तान नहीं देता जवाब; डिप्लोमेटिक प्रयास जारी

भारत-पाकिस्तान सीमा पर तैनात बीएसएफ जवान पीके साहू को 23 अप्रैल 2025 को गलती से पाकिस्तानी क्षेत्र में प्रवेश करने पर पाक रेंजर्स ने हिरासत में ले लिया था। 13 दिन (312 घंटे) बीत चुके हैं, लेकिन पाकिस्तान की ओर से न तो कोई बयान आया है और न ही जवान की रिहाई को लेकर कोई ठोस पहल की गई है। इस बीच, जवान की पत्नी फिरोजपुर पहुंचीं और स्थानीय बीएसएफ अधिकारियों से मुलाकात की। उन्होंने भावुक होकर कहा कि “मेरे पति ने कोई अपराध नहीं किया, वे देश की सेवा करते हुए गलती से सीमा पार चले गए। मैं प्रधानमंत्री और गृहमंत्री से अपील करती हूं कि मेरे पति को जल्द से जल्द सुरक्षित वापस लाया जाए।” उनकी उपस्थिति ने सीमा क्षेत्र में तैनात जवानों और स्थानीय लोगों के बीच भावनात्मक माहौल बना दिया। स्थानीय लोग भी बीएसएफ जवान की सकुशल वापसी की मांग कर रहे हैं। बीएसएफ के लगातार प्रयास बीएसएफ की ओर से मीडिया को बताया गया है कि सीमा पर प्रतिदिन 2-3 बार सीटी बजाकर या झंडा दिखाकर पाक रेंजर्स को बातचीत के लिए बुलाया जाता है। अब तक कई बार फ्लैग मीटिंग का भी प्रस्ताव दिया गया, लेकिन पाकिस्तानी रेंजर्स की ओर से कोई ठोस जवाब नहीं मिला। सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तानी रेंजर्स ने यह तो स्वीकार किया है कि जवान उनके कब्जे में है, लेकिन रिहाई के लिए कोई निश्चित समय या प्रक्रिया साझा नहीं की। उनका तर्क है कि शीर्ष नेतृत्व से अनुमति मिलते ही जवान को छोड़ा जाएगा, लेकिन अभी तक स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है। डिप्लोमेटिक प्रयास और सुरक्षा जिम्मेदारी बीएसएफ सूत्रों ने बताया कि अब राजनयिक माध्यमों के जरिए भी जवान की रिहाई सुनिश्चित कराने के प्रयास हो रहे हैं। चूंकि पाकिस्तान ने जवान की हिरासत को स्वीकार किया है, अब उसकी पूरी सुरक्षा की जिम्मेदारी पाकिस्तान की बनती है। अगर जवान को कोई नुकसान होता है, तो उसकी जवाबदेही भी पाकिस्तान की होगी। राजस्थान में पाक रेंजर अरेस्ट इसी बीच बीएसएफ ने राजस्थान सेक्टर में एक पाकिस्तानी रेंजर को जासूसी के आरोप में हिरासत में लिया है। हालांकि अभी तक इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन जानकारों का मानना है कि यह कदम बीएसएफ जवान की रिहाई को लेकर दबाव बनाने के तौर पर देखा जा सकता है।

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