मऊगंज जिले में अवैध उत्खनन और खनिज माफिया के आतंक को लेकर रीवा संभाग आयुक्त कार्यालय में सोमवार को शिकायत दर्ज कराई गई है। सामाजिक कार्यकर्ता और अधिवक्ता बीके माला ने आरोप लगाया है कि खनिज विभाग के स्थानीय अधिकारी माफिया के साथ मिले हुए हैं और उन्हें संरक्षण दे रहे हैं। शिकायत के मुताबिक, हनुमना, नईगढ़ी और लोढ़ी क्षेत्रों में आबादी के पास ही अवैध रूप से क्रेशर चलाए जा रहे हैं और भारी ब्लास्टिंग की जा रही है। इसकी वजह से ग्रामीणों के कच्चे मकानों में दरारें आ गई हैं और कई घर गिरने की स्थिति में हैं। अधिवक्ता ने बताया कि रात और सुबह के समय होने वाली इन धमाकों से बच्चों और ग्रामीणों की जान जोखिम में है। कार्रवाई न होने पर माफिया के हौसले बुलंद बीके माला का आरोप है कि पहले भी कई बार शिकायतें की गईं और बड़े अधिकारियों ने जांच के आदेश भी दिए, लेकिन स्थानीय स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। खनिज विभाग के अधिकारी मौके पर जाने से बचते हैं, जिससे अवैध उत्खनन बेखौफ जारी है। यह भी आरोप है कि यहां से निकलने वाली गिट्टी और पत्थर उत्तर प्रदेश की सीमा से लगे माफियाओं को बेचे जा रहे हैं। एनजीटी जाने की चेतावनी सामाजिक कार्यकर्ता ने संभाग आयुक्त और मऊगंज कलेक्टर से मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही अवैध खनन और ब्लास्टिंग नहीं रोकी गई, तो वे राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) और अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे। फिलहाल अधिकारियों ने उचित कार्रवाई का भरोसा दिया है।


