मऊगंज जिले में पुलिस अधीक्षक दिलीप कुमार सोनी के निर्देशन में चलाए गए ‘ऑपरेशन मुस्कान’ को बड़ी सफलता मिली है। इस अभियान के तहत पुलिस ने 154 नाबालिग बच्चों को सुरक्षित ढूंढ़कर उनके परिजनों से मिलाया है। इनमें 134 बालिकाएं और 20 बालक शामिल हैं। पुलिस अधीक्षक दिलीप सोनी ने बताया कि अभियान को प्रभावी बनाने के लिए जिले के सभी थाना प्रभारियों को विशेष निर्देश दिए गए थे। इसके लिए 145 पुलिसकर्मियों की 35 टीमें गठित की गईं। इन टीमों ने एक साल के भीतर 1 लाख किलोमीटर से अधिक की यात्रा की। एसपी सोनी ने ‘ऑपरेशन मुस्कान’ को संवेदनशील-मानवीय मिशन बताया बच्चों की तलाश केवल मध्य प्रदेश तक सीमित नहीं थी, बल्कि टीमों ने दिल्ली, महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान, बिहार, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़ और गोवा जैसे अन्य राज्यों में भी जाकर खोजबीन की। दस्तयाब किए गए कई बच्चे लंबे समय से लापता थे। कुछ ऐसे भी थे जो 11 साल से अपने परिवारों से दूर थे। सभी बच्चों की सुरक्षित काउंसलिंग और सत्यापन के बाद उन्हें उनके परिजनों को सौंप दिया गया। अभियान में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली टीमों को सम्मानित किया गया है। एसपी सोनी ने ‘ऑपरेशन मुस्कान’ को एक संवेदनशील और मानवीय मिशन बताया, जिसका उद्देश्य लापता नाबालिगों को अपराधियों के चंगुल से छुड़ाकर सुरक्षित घर वापस लाना है। एसपी बोले-ऑपरेशन मुस्कान एक पवित्र अभियान एक पत्रकारवार्ता में एसपी दिलीप सोनी ने कहा, “ऑपरेशन मुस्कान एक पवित्र अभियान है। हमारा संकल्प है कि मऊगंज जिले से कोई भी नाबालिग लापता होता है, तो पुलिस उसे हर हाल में ढूंढकर वापस लाएगी। माता-पिता का रोते-बिलखते थाने पहुंचना बेहद मार्मिक होता है। समाज के प्रति यह हमारा कर्तव्य है कि हर बच्चा सुरक्षित अपने परिवार तक पहुंचे।” उन्होंने जानकारी दी कि 1 जनवरी से 30 नवंबर 2024 तक जिले से कुल 154 बच्चों को सकुशल वापस लाया गया है। शेष बच्चों की खोज भी प्राथमिकता से जारी है और यह प्रक्रिया लगातार चलती रहेगी।


