मऊगंज जिले के हनुमना जनपद परिसर में शुक्रवार को पूर्व विधायक लक्ष्मण तिवारी ने तिलिया गांव के निवासी प्रदीप शुक्ला की संदिग्ध मौत के मामले को लेकर धरना-प्रदर्शन किया। दोपहर 1 बजे से शाम 4 बजे तक चले इस शांतिपूर्ण प्रदर्शन में कई जनप्रतिनिधि और लोग शामिल हुए। लक्ष्मण तिवारी ने स्पष्ट किया कि धरना किसी राजनीतिक टकराव के लिए नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता और न्याय की मांग के लिए है। प्रशासन से अनुमति लेने के बावजूद कार्यक्रम में आई आपत्तियों पर भी नाराजगी जाहिर की गई। निष्पक्ष जांच पर जोर प्रदीप शुक्ला की मौत पर उठ रहे सवालों को लेकर गंभीरता से जांच की मांग की गई। लक्ष्मण तिवारी ने कहा कि यदि परिवार हत्या की आशंका जता रहा है, तो निष्पक्ष जांच बेहद जरूरी है ताकि मौत की असल सच्चाई सबके सामने आ सके। अवैध गतिविधियों और नशे के कारोबार पर चिंता पूर्व विधायक ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने का आग्रह किया। साथ ही क्षेत्र में बढ़ते अवैध कामों और नशे के कारोबार पर गहरी चिंता जताते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की। जनआंदोलन को आगे बढ़ाने की चेतावनी लक्ष्मण तिवारी ने कहा कि लोकतंत्र में जनता की आवाज को दबाना नहीं चाहिए। स्थानीय नेताओं पर कटाक्ष करते हुए कहा कि जनप्रतिनिधियों को जनता के साथ खड़ा होना चाहिए। न्याय नहीं मिलने की स्थिति में आंदोलन को और तेज करने की चेतावनी दी गई। इस दौरान त्योथर के सामाजिक कार्यकर्ता कमांडो अरुण गौतम सहित कई लोग मौजूद रहे। युवक की मौत के बाद हाइवे पर शव रखकर चक्काजाम: मऊगंज में परिजन बोले- हत्या की गई, आरोपियों पर दर्ज किया जाए केस हनुमना के आरटीओ चेक पोस्ट के पास मृतक प्रदीप शुक्ला के परिजनों और आक्रोशित ग्रामीणों ने उनका शव सड़क पर रखकर नेशनल हाईवे पर चक्काजाम किया था। “हमें न्याय चाहिए” के नारों के साथ यह जाम दो घंटे तक जारी रहा था। परिजन लगातार हत्या की धारा में एफआईआर दर्ज करने की मांग पर अड़े थे। पढ़ें पूरी खबर..


