आने वाले मकर संक्रांति एवं नए साल को लेकर खाद्य तेल की खपत में भारी बढ़ोतरी हो जाती है। वहीं तेल के खपत में भारी बढ़ोतरी को देखते हुए मिलावट खोर भी सक्रिय हो गए हैं। लगातार अनुमंडल में मिलावट खाद्य तेल का कारोबार जोरों पर चल रहा है एवं अभी से ही थोक विक्रेताओं के द्वारा भारी मात्रा में मिलावट का तेल स्टॉक किया जा रहा है। मिलावटी तेल के कारण लोगों का स्वास्थ्य से खिलवाड़ हो रहा है। पश्चिम बंगाल के बांकुड़ा, मेदिनीपुर, खड़गपुर और झाड़ग्राम से मिलावटी तेल भारी मात्रा में थोक विक्रेता द्वारा मंगवाया जा रहा है। इसे घाटशिला अनुमंडल के ग्रामीण क्षेत्र में बेच कर मुनाफा कमाया जाएगा। तेल के दामों में कमी आने के कारण मिलावट खोरी के मुनाफा भी काफी बढ़ गया है। मिलावटी खाद तेल में जानलेवा केमिकल मिलाया होता है जिससे स्वास्थ्य को भारी हानि पहुंचती है। जिला प्रशासन के द्वारा कई दिनों से किसी प्रकार की छापेमारी या जांच पड़ताल नहीं किए जाने को लेक मिलावट खोर निश्चिंत होकर भारी मात्रा में मिलावट का तेल बेच रहे हैं। घाटशिला अनुमंडल के विशेष कर धालभूमगढ़, घाटशिला, बहरागोड़ा, चाकुलिया, मुसाबनी, गालूडीह, पोटका आदि क्षेत्र में भारी मात्रा में मिलावट का तेल बेचा जा रहा है। वहीं कई थोक व्यापारियों के द्वारा ब्रांडेड कंपनी का रैपर लगाकर नकली सरसों और रिफाइन का तेल बेचने का काम किया जाता है।


