प्रकाश मिश्रा 2024 के 11 महीने में गिरिडीह जिले में 284 सड़क हादसे हुए हैं। जिसमें446 लोग हादसे का शिकार हुए हैं। जिनमें 214 लोगों की मौत हो गई। जबकि 169 लोग गंभीर और 61 लोग मामूली रूप से जख्मी हुए थे। जिन 214 लोगांे की जान सड़क हादसे में गई है। उनमें 171 लोग बगैर हेलमेट की बाइक चला रहे थे, जबकि बाइक में पीछे बैठे हुए लोग गंभीर रुप से जख्मी हुए थे। वहीं 43 लोग कार में सवार थे, जो बगैर सीट बेल्ट लगाए हुए थे। जिनकी जान सड़क हादसे में चली गई। सबसे अधिक सड़क हादसे जिले के निमियाघाट से बगोदर तक के जीटी रोड, बगोदर से खोरीमहुआ, गिरिडीह-गोविंदपुर सड़क और गिरिडीह-कोडरमा सड़क पर तीखे और खतरनाक मोड़ पर हुए हैं। वहीं सड़क सुरक्षा समिति की ओर से अब तक जिले मंे मात्र दो स्थानों को ही ब्लैक स्पॉट घोषित किया गया है, जबकि हाल के दिनों मंे जिले के कई सड़क के तीखे और खतरनाक मोड़ ब्लैक स्पॉट के रुप मंे चिन्हित किए गए हैं। जहां एक साथ तीन लोगों की जान तक चली गई। देखा जाए, तो जिले में हर दिन किसी न किसी थाना क्षेत्र मंे सड़क हादसे होते हैं, जिनकी मौत अस्पताल आने के क्रम में हो जाती है, तो कई मौत घटनास्थल पर ही हो जाती है। इसके बाद भी जिले मंे सड़क हादसे को रोकने को लेकर कोई ठोस पहल होती नजर नहीं आ रही है। 11 महीने में सबसे अधिक सड़क हादसे जनवरी में 39 हुए । जिसमें 30 लोगों की मौत हो गई थी। जबकि सबसे कम सड़क हादसा नवंबर माह में 18 हुए, जिसमें 14 लोगों की जान चली गई। इसी तरह फरवरी में 36 सड़क हादसे में 28, मार्च में 26 में 22, अप्रैल में 21 में 17, मई में 24 में 13, जून में 24 में 16, जुलाई में 23 मंे 16, अगस्त में 21 में 17, सितंबर में 21 में 15, अक्तूबर में 31 में 26 और नवंबर में 18 में 14 की जान चली गई है। जिले में जिन स्थानों पर सड़क हादसे हुए हैं। उनमें सबसे अधिक बगैर हेलमेट के बाइक चलाने वालों की मौत हुई है। बगैर हेलमेट के बाइक चलाने वाले 171 लोग की मौत हुई है। जबकि कार में बगैर सीट बेल्ट लगाए ड्राइव करने वाले 43 लोगों की जाने गई हैं। जबकि आए दिन पुलिस की ओर से सीट बेल्ट और हेलमेट की जांच की जाती है। लगाता जागरूकता अभियान चलाए जाते हैं, उसके बाद भी मौत के आंकड़े कम नहीं हो रहे हैं।


