प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के मौके पर राजस्थान सरकार ने शहरी सेवा शिविर की शुरुआत की है। जिनमें जन्म, विवाह, जाति प्रमाण पत्र समेत अन्य जरूरी डॉक्यूमेंट्स बनाने के अलावा जमीन, मकान, दुकानों की लीजडीड (पट्टे) और बकाया लीज राशि जमा करवाने पर एनओसी व फ्री-होल्ड पट्टे जारी करने का काम होगा। बुधवार को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जयपुर के मालवीय नगर कम्युनिटी सेंटर में सेवा शिविर अभियान की शुरुआत की। अब आम जनता के काम जल्द होंगे पूरे- मुख्यमंत्री इस दौरान आम जनता को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन के मौके पर हमने आम जनता को राहत देने के लिए इस शिविर की शुरुआत की है। इन शिविर के माध्यम से आम जनता के काम जल्द से जल्द पूरे होंगे। जिनका वह पिछले लंबे वक्त से इंतजार कर रहे थे। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की जो योजनाएं जरूरतमंद लोगों के लिए शुरू की गई है। अगर कोई व्यक्ति उन योजनाओं का लाभ लेने से वंचित रह गया है। यह शिविर उन लोगों तक सरकार की योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए शुरू किया गया है। उन्होंने कहा कि अगर आपके इलाके में सड़क से लेकर सीवरेज में किसी तरह की कोई समस्या या खराबी है। तो आप लोग सेवा शिविर में इसकी शिकायत करें, हमारी सरकार जल्द से जल्द आपकी समस्या का समाधान करेगी। मुझे पूरी उम्मीद है कि यह सेवा शिविर पखवाड़ा कामयाब होगा और प्रदेश की जनता के जीवन में खुशहाली लाएगा।
शहरी सेवा शिविर में होंगे ये काम
इन पर भी छूट शहरी सेवा शिविर में अगर कोई व्यक्ति अपनी जमीन, मकान की बकाया लीज राशि के साथ वनटाइम (8 साल) या फ्री होल्ड (10 साल) की राशि एकमुश्त जमा करवाता है। उसके बकाया पर लगे ब्याज को 100 फीसदी माफ किया जाएगा। साथ ही लीज के मूल में से भी 60 फीसदी राशि माफ कर दी जाएगी। अगर कोई भूखंड जो नीलामी या लॉटरी के जरिए स्थानीय निकाय (यूआईटी, विकास प्राधिकरण, हाउसिंग बोर्ड, नगरीय निकाय) ने आवंटित किया। उस भूखंड पर निर्धारित समयावधि में भवन का निर्माण नहीं किया है। उक्त भूखंड मालिक पुनर्ग्रहण शुल्क (कैंसिलेशन से बचाने का चार्ज) 31 दिसंबर तक जमा करवाता है। उसे 31 मार्च 2027 तक निर्माण करने के लिए अतिरिक्त समय मिल जाएगा। संस्थानिक और वाणिज्यिक उपयोग के भूखंड पर लगने वाले शुल्क में कोई छूट नहीं मिलेगी। एग्रीकल्चर जमीन पर बसी कॉलोनियों जिनके पूर्व में नियमन हो चुका है। उनमें कॉलोनियों में कई भूखंडधारियों ने पट्टे नहीं लिए हैं तो उनको इन शिविर में लगने वाले कैंप में ब्याज पर 100 फीसदी की छूट दी जाएगी। यानी उनको भूखंड का पट्टा मौजूदा दर पर ही दिया जाएगा, उस पर कोई ब्याज राशि नहीं ली जाएगी। अगर कोई व्यक्ति अपने मकान के निर्माण की अनुमति लेता है तो उसे जी प्लस 1 मंजिल तक मकान निर्माण की स्वीकृति पर भवन मानचित्र शुल्क में 50 प्रतिशत छूट मिलेगी। यानी अब उसे नक्शा स्वीकृति शुल्क केवल 30 रुपए प्रति वर्गमीटर देना होगा। उपविभाजन व पुनर्गठन शुल्क पर छूट बिना रजिस्ट्री करवाए खरीदे गए भूखंडों के पट्टे देने पर पेनल्टी माफ ऐसी कॉलोनियां जो कृषि भूमि पर बसी हुई हैं। उनका पहले नियमन कैंप लग चुका है। इन कॉलोनियों में यदि कोई भूखंड बिना रजिस्ट्री करवाए एक बार या उससे अधिक बार बिक चुका है। ऐसे में उस भूखंड को आखिरी बार खरीदने वाले व्यक्ति को उस भूखंड का पट्टा देते समय पेनल्टी 100 फीसदी माफ कर दी जाएगी। हालांकि उस व्यक्ति को निकाय से पट्टा जारी हाेने के बाद उस पट्टे को 2 फीसदी स्टाम्प ड्यूटी और 0.25 फीसदी रजिस्ट्रेशन शुल्क देकर रजिस्टर्ड करवाना होगा। जयपुर जेडीए में यहां लगेंगे शिविर नगर निगम हेरिटेज में यहां लगेंगे शिविर नगर निगम ग्रेटर में यहां लगेंगे शिविर


