रतलाम में 9 साल पहले ऑटो चालक की हत्या के मामले में कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए एक आरोपी की आजीवन कारावास के साथ 10 हजार रुपए का अर्थदंड लगाया है। एक अन्य आरोपी को दोषमुक्त कर दिया है। फैसला सप्तम अपर सत्र न्यायधीश रतलाम राजेश नामदेव की कोर्ट ने सुनाया है। अपर लोक अभियोजक एवं शासकीय अधिवक्ता समरथ पाटीदार ने बताया कि 21 जनवरी 2018 को विमल जैन मित्र निवास कॉलोनी रतलाम ने स्टेशन रोड थाना पुलिस को सूचना दी। बताया कि सुबह करीब 8 बजे वह घर के बाहर पेपर लेने निकला तो देखा कि उसके घर के सामने एक ऑटो रिक्शा (एमपी 43 के 0992) खड़ा हुआ है। ऑटो की स्टेयरिंग पर एक अज्ञात व्यक्ति करीब मृत अवस्था में पड़ा हुआ है। मौके पर पुलिस और अन्य लोगों के आने पर मृतक की पहचान उसके भाई जफर हुसैन ने फारूक हुसैन उर्फ ‘मच्छर’ पिता अब्दुल वहीद मंसूरी निवासी रतलाम के रूप में की। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामला जांच में लिया। घटनास्थल एवं शव परीक्षण के बाद मृतक फारुख हुसैन के शरीर पर धारदार हथियारों से चोट के निशान पाए गए। पोस्टमार्मट रिपोर्ट में भी डॉक्टर द्वारा मौत का कारण धारदार हथियार से हमला कर चोट पहुंचाने पर अत्यधिक खून बह जाने से मौत होना पाया। थाना स्टेशन रोड पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर जांच शुरू की। ऑटो से कट लगने पर हुआ था विवाद पुलिस को जांच में पता चला कि ऑटो से कट लगने के दौरान आरोपी अक्षय सेन (28) पिता मनोज सेन निवासी धीरज शाह नगर रतलाम व सचिन (27) पिता किशोर बंजारा से विवाद हुआ। विवाद के दौरान ऑटो चालक को चाकू मारकर भाग गए। घटना में प्रयुक्त बाइक, आरोपी सचिन बंजारा व अक्षय सेन को गिरफ्तार किया। अक्षय सेन से उसके घर से चाकू जब्त किया। मृतक फारुख के कपड़े, चाकू, मिट्टी, चाबी के छल्ले को DNA जांच के लिए सागर भेजा। जांच पूर्णकर स्टेशन रोड थाना द्वारा अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। सुनवाई के बाद न्यायालय द्वारा एक आरोपी अक्षय सेन को आजीवन कारावास व 10 हजार रुपए का अर्थदंड व एक अन्य आरोपी सचिन बंजारा को दोषमुक्त कर दिया। डीएनए रिपोर्ट से पकड़ाए आरोपी अपर लोकअभियोजक एवं शासकीय अधिवक्ता समरथ पाटीदार ने बताया कि इस केस में कोई साक्षी नहीं थे। केवल परिस्थितिजन्य साक्ष्य DNA के आधार पर सजा हुई है। जांच में जप्त चाकू और मृतक के कपड़ों पर एक समान DNA प्रोफाइल पाया गया। घटना स्थल से जूब्त मिट्टी, छल्ला की DNA प्रोफाइल भी चाकू और मृतक के कपड़ों के समान पाई गई। इसी के आधार पर कोर्ट ने फैसला सुनाया है।


