भास्कर न्यूज|कोडरमा सदर प्रखंड के चांदेडीह की रहनेवाली लाभुक चिंता देवी ने प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत बायोफ्लॉक टैंक निर्माण में गड़बड़ी की शिकायत उपायुक्त से की है। उसने जिला मत्स्य पदाधिकारी पर परेशान करने और भुगतान रोकने का आरोप लगाया है। महिला ने बताया कि योजना के तहत उसका चयन हुआ था। मत्स्य पदाधिकारी ने नामित ठेकेदार से काम कराने का दबाव डाला। उसके नाम से बैंक खाता खुलवाकर उसमें अपना मोबाइल नंबर दिया। बिना काम किए ठेकेदार को भुगतान कर दिया गया। जब उसे इसकी जानकारी मिली तो उसने लिखित शिकायत की। इसके बाद 4.30 लाख में से ठेकेदार ने सिर्फ 3 लाख रुपये उसके खाते में लौटाए। करीब 1 लाख रुपये का काम कराया, जिसमें 50 हजार रुपए जीएसटी के नाम पर काट लिए गए। महिला का आरोप है कि ठेकेदार आजाद अली ने राशि का दुरुपयोग किया। इसकी सूचना उसने विभाग को दी। इसके बाद उसने खुद से पूरा काम किया। मगर अब जीएसटी बिल के नाम पर भुगतान रोका जा रहा है। जब ठेकेदार काम कर रहा था, तब जीएसटी बिल नहीं मांगा गया। शिकायत के बाद से मत्स्य पदाधिकारी उसे परेशान कर रहे हैं। महिला ने बताया कि राज्य सरकार से अनुदान के तहत मिलने वाली 1.83 लाख रुपये की राशि भी रोक दी गई है। कुछ जीएसटी बिल उसने जमा कर दिए हैं, कुछ उसके पास हैं। ठेकेदार द्वारा किए गए काम का 1.5 लाख रुपये का बिल अब तक नहीं दिया गया। मत्स्य पदाधिकारी और ठेकेदार की मिलीभगत से गड़बड़ी हुई है। जीएसटी बिल के नाम पर उसे दौड़ाया जा रहा है। केसीसी से मिलने वाले 1.5 लाख रुपये का लोन भी नहीं दिया गया। 2023 में तालाब निर्माण के लिए डाली गई निविदा पर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। उसे ब्लैकलिस्ट करने की धमकी दी जा रही है।


