टोंक जिले के रामवतार योगी ने नेशनल लेवल पर जिले का नाम रोशन किया है। उन्होंने पश्चिम बंगाल में हुई राष्ट्रीय हैंडबाल प्रतियोगिता में राजस्थान की हैंडबाल टीम से खेलते हुए ब्रॉन्ज मेडल जीता हैं। अब उनकी इच्छा इंटरनेशनल लेवल पर राजस्थान की टीम को गोल्ड मेडल दिलाना है। हालांकि यहां तक पहुंचने का सफर रामवतार के लिए आसान नहीं था। परिवार के साथ जयपुर शिफ्ट हुए। माता- पिता ने वाटिका में किराए का कमरा लिया। माता- पिता ने मजदूरी कर तीन भाइयों को बड़ा किया। पिता अब भी मजदूरी करते है और मां चाय की थड़ी चलाती है। पढ़िए पूरी स्टोरी पिता मजदूरी करते, मां थड़ी पर चाय बनाती
रामवतार योगी 26 साल के है। उन्होंने बताया कि वे टोंक जिले के एक छोटे से गांव धुआं कला के रहने वाले है। पिछले 7 साल से माता- पिता के साथ जयपुर के वाटिका में किराए पर रहते है। परिवार में 3 भाई है, जिनमें योगी दूसरे नंबर का है। उन्होंने बताया कि माता- पिता दोनों ने मजदूरी की। फिर मां ने चाय की थड़ी लगाई और हमें पढ़ाया। कभी- कभी गांव में खेती- बाड़ी संभालने गांव भी जाते है। मां की चाय की थड़ी में मैं और परिवार के अन्य लोग भी हाथ बंटाते है। बड़े भाई ऑटो चलाते है और छोटा भाई फिलहाल पढ़ रहा है। मां और पिता की शुरू से ही इच्छा थी कि चाहे हम जिंदगी भर मजदूरी करें, लेकिन बच्चों को पढ़ाकर अपने पैरों पर खड़ा करेंगे। उन्होंने ही जयपुर में मजदूरी करके मुझे पढ़ाया है। दोस्तों ने हौसला बढ़ाया, कोच ने सपोर्ट किया
बी.ए. की पढ़ाई राजस्थान यूनिवर्सिटी जयपुर से की। पढ़ाई के दौरान 5 साल पहले मोहल्ले के लड़कों के साथ इस गेम को खेलता था, फिर ऐसी लगन लगी कि इसी खेल में आगे बढ़ते गए। दोस्तों ने टैलेंट को देखकर बारीकियों को सीखने के लिए सवाई मानसिंह स्टेडियम में प्रैक्टिस करने की सलाह दी। इसके बाद रोजाना सुबह शाम चार से पांच घंटे स्टेडियम में प्रैक्टिस करने जाने लगा। इसी दौरान खुद के खर्च के लिए जॉब की दृष्टि से कम्प्यूटर कोर्स किया। ढाई साल से खेल की प्रैक्टिस के साथ साथ ठेका पद्धति में करीब ढाई साल पहले से कृषि अनुसंधान केंद्र दुर्गापुरा में कंप्यूटर ऑपरेटर की प्राइवेट जॉब लग गई। हालांकि जॉब के अलावा बचने वाले समय पर स्टेडियम में प्रैक्टिस जारी रखी। इसी की बदौलत राजस्थान टीम में सिलेक्शन हुआ। कोच ने सिखाई बारीकियां
रामवतार ने बताया कि उनकी हाइट 5 फीट 8 इंच है। उसके खेल को देखकर स्टेडियम में इस खेल के कोच प्रियदीप सिंह ने उन्हें काफी सपोर्ट किया। बारीकियां सिखाई और 2 बार राज्य स्तर पर खिलाया। इसके बाद पहली बार नेशनल प्रतियोगिता में खेलने का मौका दिलाया। टीम ने कड़ी मेहनत करते हुए ब्रॉन्ज मेडल जीता है। टीम में 16 खिलाड़ी गए थे। पश्चिम बंगाल में हुई नेशनल प्रतियोगिता में जीता था
भारतीय हैंडबॉल एसोसिएशन ऑफ इंडिया की ओर से पश्चिम बंगाल के दुगली स्थित नेताजी सुभाष बोस खेल मैदान पर सीनियर वर्ग की 54वीं नेशनल हैंडबॉल प्रतियोगिता का आयोजन 15- 20 दिसंबर तक हुआ। इसमें राजस्थान की हैंडबाल टीम से खेलते हुए रामवतार ने ब्रॉन्ज मेडल जीता। इनकी टीम ने उत्तर प्रदेश की टीम को 55- 33 गोल से हराया। प्रतियोगिता में विजेता वेस्ट बंगाल, उप विजेता चंडीगढ़ और तीसरे स्थान पर राजस्थान की टीम रही, जिसे ब्रॉन्ज मेडल मिला। अब रामवतार की इच्छा इंटरनेशनल स्तर पर भारत को गोल्ड मेडल दिलाने की है।


