आलीराजपुर में जोबट के सिद्धिविनायक अस्पताल में एक गरीब मजदूर महिला से जांच के नाम पर पैसे वसूलने और रिपोर्ट आने से पहले ही महंगी दवाइयां देने का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार, सिद्धगाव निवासी शर्मिला जुवान सिंह अपनी प्राची (18) को कमजोरी और चक्कर आने की शिकायत के बाद 28 दिसंबर 2025 को सिद्धिविनायक हॉस्पिटल लेकर पहुंची थीं।
रिपोर्ट आने से पहले ही लिखीं मंहगी दवाइयां पीड़िता की मां ने बताया कि अस्पताल प्रबंधन ने उनसे 200 रुपए पर्ची (कंसल्टेशन), 500 रुपए अस्पताल की दवाइयां, 300 रुपए बाहर की मेडिकल स्टोर की दवाइयां और 300 रुपए खून की जांच के लिए वसूले। हैरानी की बात यह है कि डॉक्टर ने खून की जांच की रिपोर्ट आने का इंतजार नहीं किया और मरीज को भारी-भरकम दवाइयां लिख दीं।
लाइट नहीं होने का बहाना बनाकर नहीं दी रिपोर्ट जब पीड़िता की मां दो दिनों तक अपनी मजदूरी छोड़कर रिपोर्ट लेने के लिए अस्पताल के चक्कर लगाती रही, तो प्रबंधन ने “लाइट नहीं होने” का बहाना बनाकर उन्हें टाल दिया। जबकि उस दौरान पूरे क्षेत्र में बिजली आपूर्ति सुचारू थी। महिला बोलीं-रिपोर्ट के लिए मजदूरी छोड़कर लगा रहे चक्कर पीड़िता की शर्मिला जुवान सिंह ने बताया कि मेरी बेटी को चक्कर आ रहे थे। अस्पताल ने जांच के पैसे ले लिए लेकिन रिपोर्ट दो दिन तक नहीं दी। बिना रिपोर्ट देखे उन्होंने किस आधार पर दवाइयां दे दीं? हम गरीब लोग कपास की मजदूरी छोड़कर अस्पताल के चक्कर लगा रहे हैं। CMHO बोले-मामले में जांच के बाद होगी कार्रवाई अलीराजपुर के जिला चिकित्सा अधिकारी (CMHO) डॉ. राजेश अतुलकर ने कहा कि यह मामला मेरे संज्ञान में आया है। यदि बिना जांच रिपोर्ट के मरीज को दवाइयां दी जा रही हैं और उन्हें परेशान किया जा रहा है, तो यह पूरी तरह गलत है। इस पूरे मामले की जांच होगी। इसके बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।


