रेवती रेंज के समीप बरदरी में बहुमंजिला भवन निर्माण स्थल पर गोली लगने से मैनेजर बालाराम पिता मानसिंह राठौर निवासी सांवेर की मौत बीएसएफ की गोली लगने से ही हुई है। गोली उच्च मारक क्षमता वाले हथियार (स्नाइपर वैपन) से चली थी। गोली ने 2.5 किमी की दूरी तय की थी। घटना 24 सितंबर 2024 को सुबह 9 बजे हुई थी। घटना की मजिस्ट्रियल जांच में ये खुलासे हुए हैं। जांच में स्पष्ट किया कि रेवती रेंज स्नाइपर हथियारों के लिए सुरक्षित नहीं है। इसकी सुरक्षा की विशेषज्ञों की मदद से जांच करवाकर उचित उपाय करने के सुझाव भी दिए। जांच अधिकारी गौरव बैनल ने हाल ही में कलेक्टर आशीष सिंह को रिपोर्ट सौंपी है। रिपोर्ट में घटनाक्रम की तकनीकी पहलुओं पर जांच की गई। डेंजर एरिया पैम्फलेट से प्राप्त नियमों के आधार पर इनकी पुष्टि भी गई है। जांच से स्पष्ट है कि घटना और रेवती रेंज में फायरिंग प्रैक्टिस का समय एक ही था। मृतक बालाराम के शरीर से प्राप्त गोली फायरिंग के लिए प्रयुक्त हथियार की गोली के आकार-प्रकार की ही थी। फायरिंग के समय कतिपय कारणों से हुए घुमाव से गोली रेंज से बाहर लंबी दूरी तक निकल गई और मैनेजर को लगी। जांचकर्ता अधिकारी बैनल ने विशेषज्ञों के साथ चर्चा करके फायरिंग के समय फायर द्वारा की जाने वाली गलतियों की आशंकाओं को भी देखा। 14 डिग्री एंगल पर घूम गई थी गोली घटना स्थल दूर होने से बीएसएफ की गोली लगने की संभावना पर सवाल उठ रहे थे। प्रकरण में तथ्य, अल्फा रेंज और घटना स्थल की एरियल दूरी 2.5 किमी पाई गई। डेंजर एरिया पैम्फलेट से पता चलता है कि स्नाइपर हथियार से चली गोली इतनी दूरी तय कर सकती है। जांच के दौरान यह भी पता चला कि गोली सीधे निकलने के बजाय 14 डिग्री एंगल पर घूम गई थी। इससे वह अधिक दूरी तय कर गई। चार प्रकार की रेंज हैं यहां उज्जैन रोड स्थित रेवती रेंज में चार प्रकार की रेंज हैं। इनमें फायरिंग की प्रैक्टिस की जाती है। यह अल्फा, ब्रावो, चार्ली और डेल्टा है। मौजूदा प्रेक्टिस अल्फा रेंज में हो रही थी। रेंज के दक्षिण पश्चिम की ओर घनी प्रजाति के पेड़ लगाए जाने का सुझाव भी जांचकर्ता अधिकारी द्वारा दिया गया है।


