मणिपुर में भाजपा के मुस्लिम नेता का घर जलाया:नए वक्फ कानून का समर्थन किया था; आज एक्ट के विरोध में सुप्रीम कोर्ट जाएगा RJD

मणिपुर के थोउबल जिले में रविवार को भीड़ ने नए वक्फ कानून का समर्थन करने पर बीजेपी के अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष असकर अली मकाकमयुम के घर में तोड़फोड़ की और आग लगा दी। घटना के बाद असकर अली ने सोशल मीडिया पर माफी मांगी और केंद्र सरकार से नए वक्फ कानून को वापस लेने की अपील की। उन्होंने अपनी फेसबुक पोस्ट में लिखा – कृपया इस मुद्दे पर राजनीति न करें। मैंने जो कुछ भी कहा, अगर उससे किसी की भावनाएं आहत हुई हैं, तो मैं माफी चाहता हूं। मैं केंद्र सरकार से अनुरोध करता हूं कि इस कानून को वापस ले लिया जाए। उन्होंने इस पोस्ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरन रिजिजू और बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जमाल सिद्दीकी को टैग भी किया। इधर, राष्ट्रीय जनता दल (RJD) नए वक्फ कानून को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने के लिए आज (सोमवार) याचिका दायर करेगा। ये याचिका पार्टी की ओर से राज्यसभा सांसद मनोज झा और पार्टी नेता फैयाज अहमद लगाएंगे। नए वक्फ कानून को लेकर सुप्रीम कोर्ट में अब तक छह याचिकाएं दाखिल हो चुकी हैं। आखिरी याचिका केरल के सुन्नी मुस्लिम संगठन केरल जमीयतुल उलेमा ने दायर की थी। वहीं, ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने 11 अप्रैल से पूरे देश में विरोध प्रदर्शन करने की घोषणा की है। इससे पहले कांग्रेस सांसद मोहम्मद जावेद, AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी, AAP विधायक अमानतुल्लाह खान, सिविल राइट्स संगठन एसोसिएशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ सिविल राइट्स और जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी अलग-अलग याचिका लगा चुके हैं। सरकार ने नए कानून को लेकर गजट नोटिफिकेशन जारी किया राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने वक्फ (संशोधन) बिल को शनिवार देर रात मंजूरी दी। सरकार ने नए कानून को लेकर गजट नोटिफिकेशन जारी किया। अब नए कानून को लागू करने की तारीख को लेकर केंद्र सरकार अलग से एक नोटिफिकेशन जारी करेगी। यह बिल (अब कानून) 2 अप्रैल को लोकसभा और 3 अप्रैल को राज्यसभा में 12-12 घंटे की चर्चा के बाद पास हुआ था। इस पर केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि इस कानून का उद्देश्य वक्फ संपत्तियों में हो रहे पक्षपात, दुरुपयोग और अतिक्रमण को रोकना है। इस बिल (अब कानून) को राज्यसभा में 128 सदस्यों ने समर्थन दिया था, जबकि 95 ने इसका विरोध किया। वहीं लोकसभा में यह बिल 2 अप्रैल की आधी रात पारित हुआ था। इस दौरान 288 सांसदों ने समर्थन में और 232 ने विरोध में वोट डाला था। वक्फ संशोधन कानून का गजट नोटिफिकेशन… वक्फ बिल पर मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड का विरोध
ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) ने शनिवार शाम को वक्फ बिल के विरोध में दो पेज का लेटर जारी किया। AIMPLB ने कहा कि हम सभी धार्मिक, समुदाय-आधारित और सामाजिक संगठनों के साथ मिलकर राष्ट्रव्यापी आंदोलन करेंगे। यह अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक संशोधन पूरी तरह से निरस्त नहीं हो जाते। ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने कहा- वक्फ संशोधन बिल इस्लामी मूल्यों, धर्म और शरीयत, धार्मिक और सांस्कृतिक स्वतंत्रता, सांप्रदायिक सद्भाव और भारतीय संविधान के आधारभूत ढांचे पर गंभीर हमला है। कुछ राजनीतिक दलों का भाजपा के सांप्रदायिक एजेंडे को दिए गए समर्थन ने उनके तथाकथित धर्मनिरपेक्ष मुखौटे को पूरी तरह से उजागर कर दिया है। वक्फ संशोधन बिल के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में तीसरी याचिका
शनिवार को AAP विधायक अमानतुल्लाह खान ने बिल के विरोध में सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई। इससे पहले शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में दो याचिकाएं लगाई गईं थीं। बिहार के किशनगंज से कांग्रेस सांसद मोहम्मद जावेद और AIMIM सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने यह याचिका लगाईं। राज्यसभा से गुरुवार को बिल पास होने के बाद कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने कहा था कि कांग्रेस सुप्रीम कोर्ट जाएगी। तमिलनाडु की DMK ने भी याचिका लगाने की बात कही थी। वक्फ बिल पर विपक्ष के नेताओं ने क्या कहा? ———————————————- वक्फ बिल से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… बिहार के राज्यपाल बोले- वक्फ संपत्तियां अल्लाह की, इस पर गैर-मुस्लिमों का भी हक बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने लोकसभा और राज्यसभा से पास हुए वक्फ संशोधन बिल का समर्थन किया है। उन्होंने कहा- वक्फ की संपत्तियां अल्लाह की मानी जाती हैं। इसका इस्तेमाल गरीबों, जरूरतमंदों और जनहित के लिए होना चाहिए। गैर मुस्लिमों का भी वक्फ की संपत्तियों में बराबर का हक है। पूरी खबर पढ़ें… मौलाना मदनी बोले- वक्फ बोर्ड में हिंदुओं को क्यों रख रहे, सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई जमीयत उलमा-ए-हिंद ने वक्फ कानून 2025 के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। संगठन ने रविवार को ऑनलाइन याचिका दाखिल की है। अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने कहा- हमने पहले ही कहा था कि अगर यह वक्फ कानून बना तो इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी जाएगी। पूरी खबर पढ़ें…

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