सरगुजा में दूसरे चरण के मतदान में फर्जी वोटिंग एवं मतदान से रोके जाने को लेकर शुक्रवार को जमकर हंगामा हुआ। सीतापुर जनपद पंचायत पहुंचकर ग्राम पंचायत ढेलसरा, मुरता और रजपुरी के ग्रामीणों ने वोटिंग के दौरान मतदान से वंचित करने एवं मतगणना में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। ग्रामीणों ने पुनर्मतगणना की मांग की। वहीं मैनपाट के ग्राम पंचायत चीड़ापारा के ग्रामीण अंबिकापुर पहुंचे और तीन मृतकों सहित 12 लोगों का फर्जी मतदान कराने का आरोप लगाया। सरगुजा के मैनपाट एवं सीतापुर ब्लॉकों में दूसरे चरण का पंचायत चुनाव 20 फरवरी को हुआ। इसमें सीतापुर ब्लॉक में 84.29 प्रतिशत और मैनपाट में 80.79 प्रतिशत मतदान हुआ है। अधिकांश केंद्रों में तीन बजे के बाद भी मतदाताओं की लाइन लगी रही और देर शाम तक मतदान के बाद मतों की गिनती की गई। मतगणना पूरी होने के बाद मतदान दलों की वापसी हुई और मतपेटियां जनपदों में जमा हो गई हैं। जनपद का घेराव कर हंगामा
शुक्रवार को सीतापुर जनपद पंचायत का घेराव करते हुए तीन पंचायतों के ग्रामीणों ने हगांमा किया। इनमें रजपुरी के ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि हार-जीत का अंतर एक मत का है। मतदान केंद्र में पुनर्गणना की मांग की गई। पीठासीन अधिकारी ने लिखकर दिया कि जनपद में मतों की पुनर्गणना होगी, लेकिन अधिकारी अब पुनर्गणना के लिए तैयार नहीं हैं। ग्राम पंचायत ढेलसरा के ग्रामीणों ने फर्जी मतदान का आरोप लगाया एवं रि-काउंटिंग की मांग की। ग्रामीणों के अनुसार कई ग्रामीणों के फर्जी वोट डाले गए हैं। मुरता के ग्रामीणों ने कहा कि गुरूवार को बारिश होने के दौरान वे समय से पहले मतदान कंद्र पहुंचे, लेकिन उनका मतदान नहीं कराया गया। एसडीएम ने कहा- कल लेंगे आवेदन
ग्रामीणों द्वारा जनपद में हंगामें की सूचना मिलने पर तहसीलदार तुषार मानी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से चर्चा की। जब बात नहीं बनीं तो एसडीएम नीरज कौशिक मौके पर पहुंचे। एसडीएम ने ग्रामीणों से कहा कि शनिवार को अधिसूचना के बाद ग्रामीणों का आवेदन लिया जाएगा। ग्रामीणों ने कहा कि उनकी मांगें नहीं मानी गई तो वे चुनाव आयोग जाएंगे। ग्रामीणों का दावा-12 मत फर्जी, मृतक भी डाल गए वोट
शुक्रवार को मैनपाट ब्लॉक के चीड़ापारा के ग्रामीण बड़ी संख्या में अंबिकापुर कलेक्टोरेट पहुंचे एवं फर्जी वोटिंग कराने का आरोप लगा जांच की मांग की। ग्रामीणों ने बताया कि तीन मृतकों के नाम मतदान कराया गया है। ग्रामीणों ने शासकीय सेवा में लगे 9 लोगों के नाम देते हुए दावा किया है कि उनके नाम पर फर्जी मतदान किया गया है। ये गांव में थे ही नहीं, बल्कि ड्यूटी में थे। ग्रामीणों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंप कर फिर से मतदान की मांग की है।


