जालंधर| मदरसा दारुल उलूम अरशदिया जमशेर में जलसा-ए-दस्तारबंदी का आयोजन किया गया। इस मौके पर दारुल उलूम देवबंद से मौलाना मुनीरूद्दीन ने शिरकत की। मौलाना मुनीरुद्दीन ने शिक्षा पर बात करते हुए कहा कि तालीम इल्म का खजाना है। तालीम हासिल करने वाले बच्चे हमेशा जिंदगी में अच्छा मुकाम हासिल करते हैं। उन्होंने कहा कि हमें अपने बच्चों को धार्मिक और स्कूली दोनों शिक्षा दिलानी चाहिए। धार्मिक शिक्षा बच्चों को अभिभावकों की कद्र और भाई-बहनों के रिश्ते के बारे में बताता है, जबकि स्कूली एजुकेशन उसे जिंदगी में ऊंचा मुकाम दिलाती है। इसके बाद हाफिज-ए-कुरान हुए तीनों बच्चों की दस्तारबंदी की गई। इस मौके पर दारलूम देवबंद से मुनीर अहमद, कारी आजम, पंजाब मुस्लिम डेमोक्रेटिक फ्रंट के पंजाब अध्यक्ष अख्तर सलमानी, पूर्व वक्फ बोर्ड सदस्य कलीम आजाद, हाजी आबिद सलमानी, पंजाब प्रधान अयूब सलमानी मौजूद रहे। मौलाना मुनीर के साथ कारी आजम, अख्तर सलमानी व अन्य।


