अमृतसर | शूर अस्पताल खजाना गेट की गायनी रोग विशेषज्ञ डॉ. गायत्री शूर ने बताया कि मधुमेह एक पुरानी बीमारी है। यह बीमारी दुनिया भर में लाखों लोगों को प्रभावित कर रही है। भारत में 18 साल से ऊपर के 7.7 करोड़ से ज्यादा लोग मधुमेह से पीड़ित हैं। मधुमेह दो प्रकार का होता है। पहले प्रकार में शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली अग्न्याशय की बीटा कोशिकाओं पर हमला करती है। ये कोशिकाएं इंसुलिन बनाती हैं। जब ये नष्ट हो जाती हैं तो शरीर में इंसुलिन बनना बंद हो जाता है। दूसरे प्रकार में शरीर इंसुलिन के प्रति प्रतिरोधी हो जाता है। इससे रक्त में शर्करा का स्तर बढ़ जाता है। यह स्थिति खराब खानपान, मोटापा और शारीरिक निष्क्रियता से जुड़ी होती है। इस बीमारी का इलाज संभव है। डॉक्टर मौखिक दवाएं या इंसुलिन थेरेपी देते हैं। जीवनशैली में बदलाव जरूरी है। संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और वजन नियंत्रण से मधुमेह को काबू में रखा जा सकता है। डॉक्टरों के अनुसार मधुमेह एक बड़ी स्वास्थ्य चुनौती बन चुका है। इसके लिए जागरूकता जरूरी है। समय पर पहचान और सही इलाज से मरीज सामान्य जीवन जी सकते हैं।


