मध्यप्रदेश राज्य नीति आयोग ने क्षेत्रीय आर्थिक विकास को गति देने के उद्देश्य से ‘G-Hub’ पहल शुरू की है। इसी के तहत धार जिले में समग्र आर्थिक विकास और निवेश संभावनाओं पर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस पहल के अंतर्गत भोपाल आर्थिक क्षेत्र (BER) और इंदौर आर्थिक क्षेत्र (IER) को विकास के प्रमुख इंजन के रूप में विकसित किया जा रहा है। नीति आयोग, भारत सरकार की प्रिंसिपल इकनॉमिक एडवाइजर एना रॉय के नेतृत्व में 14 सदस्यीय दल ने धार जिले के पीथमपुर मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक हब का दौरा किया। निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्य की प्रगति संतोषजनक पाई गई। दल ने परियोजना से जुड़ी चुनौतियों और उनके समाधान पर विस्तार से चर्चा की। कलेक्टर की मौजूदगी में समीक्षा बैठक भी हुई
भ्रमण के बाद, कलेक्टर कार्यालय धार में कलेक्टर प्रियंक मिश्रा की उपस्थिति में एक जिला स्तरीय समीक्षा बैठक हुई। इस बैठक में विजन-2047 और दिल्ली-मुंबई औद्योगिक कॉरिडोर (DMIC) के तहत धार जिले में उपलब्ध विकास अवसरों पर गहन विचार-विमर्श किया गया। कलेक्टर ने बताया कि धार जिले का लगभग 80 प्रतिशत क्षेत्र DMIC प्रभाव क्षेत्र में आता है। पीथमपुर-धार-महू निवेश क्षेत्र एक पूर्ण विकसित नोड के रूप में कार्य कर रहा है। जिले में औद्योगिक पार्कों की अधिक संख्या के कारण सकल घरेलू उत्पाद में विनिर्माण क्षेत्र का योगदान लगभग 60 प्रतिशत है। ऑटोमोबाइल, वस्त्र, खाद्य प्रसंस्करण और डेटा सेंटर को प्रमुख विकास क्षेत्रों के रूप में रेखांकित किया गया। पर्यटन संभावनाओं पर भी चर्चा हुई
बैठक में मांडू पर्यटन, इको-टूरिज्म, नर्मदा क्रूज़ पर्यटन सर्किट, बाग क्षेत्र में जियो पार्क जैसी पर्यटन संभावनाओं पर भी चर्चा हुई। इसके अतिरिक्त, सौर एवं पवन ऊर्जा परियोजनाएं, कृषि आधारित उद्योग और किसानों को गुणवत्तायुक्त बीज उपलब्ध कराने जैसे विषयों पर भी ध्यान केंद्रित किया गया। समन्वित विकास के लिए रेल परियोजनाओं, निजी निवेश, कौशल विकास और उद्योग आधारित आईटीआई की स्थापना पर जोर दिया गया। इस महत्वपूर्ण बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारी, औद्योगिक प्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।


