मध्यप्रदेश के सिंगोली के पास हनुमानजी मंदिर में रात्रि विश्राम के लिए ठहरे जैन संतों के साथ कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा मारपीट की घटना को राजस्थान के जालोर में भी रोष दिखाई दिया। जैन समाज के लोगों ने आरोपियों पर कठोर कार्यवाही की मांग को लेकर मुख्यमंत्री के नाम जालोर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। जैन समाज के धर्मेंद्र जैन ने बताया कि मध्यप्रदेश में जैन समाज के संतों के साथ मारपीट की गई, जो निंदनीय है। जबकि जैन साधु- साध्वी अपने पास किसी भी प्रकार का कैश नहीं रखते है। वे भोजन भी शाकाहार और घरों से मांग कर करते है, ऐसे में उनसे मारपीट करने वालों पर कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह घटना न केवल समाज की शांति और अंहिसा के सिद्धांतों के खिलाफ है, बल्कि मानवीय मूल्यों का भी अपमान है। जैन धर्म हमें दया, करूणा, सहिष्णुता और सम्मान सिखाता है और इस तरह की हिंसक घटनाएं हमारे आदर्शों को ठेस और पीड़ा पहुंचाती है। उन्होंने मांग की है कि राष्ट्र की धरोहर जैन संतों के लिए विहार के प्रशासन सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित करें। इस दौरान देवेन्द्र मेहता, धनपत मुथा, धर्मेंद्र पोरवाल, घेवरचंद, हेमश, नरपत, हुकमाराम, गोतम, गणपत, अशोक चौधरी व मूलराज सहित बड़ी संख्या में जैन समाज के लोग मौजूद रहे।


