जालंधर | शनिवार को पूर्व शिक्षा मंत्री और विधायक परगट सिंह ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार द्वारा मनरेगा में किए गए संशोधन गरीबों, दलितों, महिलाओं, आदिवासियों और पिछड़े वर्गों के अधिकारों पर हमला है। उन्होंने बताया कि नए कानून वीबी जीरामजी के तहत के तहत राज्यों की हिस्सेदारी 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 40 प्रतिशत कर दी गई है, जिससे मनरेगा की मूल भावना समाप्त हो गई। परगट सिंह ने कांग्रेस और अन्य पार्टियों से इस फैसले का विरोध करने की अपील की और आम आदमी पार्टी की सरकार द्वारा 30 दिसंबर को बुलाए गए स्पेशल सत्र का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि एक दिन का सत्र पर्याप्त नहीं है और पूरा विंटर सत्र बुलाया जाना चाहिए। पूर्व मंत्री ने पंजाब की बिगड़ी कानून व्यवस्था पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि हाल ही में जालंधर में कॉलेज की प्रधानगी को लेकर खुलेआम गोलियां चल गईं, जो राज्य में सुरक्षा और अमन-शांति बनाए रखने में सरकार की नाकामी को दर्शाता है।


