मनरेगा की हत्या,मोदी सरकार ने छीना काम का अधिकार::नेशनल हेराल्ड केस बेशर्मी भरा हौवा साबित हुआ -सांसद शशिकांत सेंथिंल

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा सांसद एस. शशिकांत सेंथिल ने मोदी सरकार पर मनरेगा को खत्म करने और लोकतांत्रिक संस्थाओं के दुरुपयोग का आरोप लगाया है। राजीव भवन में आयोजित पत्रकारवार्ता में उन्होंने कहा कि “सुधार” के नाम पर सरकार ने दुनिया की सबसे बड़ी रोजगार गारंटी योजना मनरेगा की आत्मा खत्म कर दी है। यह गरीबों से काम का अधिकार छीनने की सोची-समझी साजिश है। पत्रकारवार्ता में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत और प्रभारी सचिव विजय जांगिड भी मौजूद रहे। सेंथिल ने कहा कि मनरेगा महात्मा गांधी के ग्राम स्वराज, काम की गरिमा और विकेंद्रीकृत विकास की सोच का प्रतीक था, लेकिन मोदी सरकार ने न केवल गांधी का नाम हटाया, बल्कि 12 करोड़ मजदूरों के अधिकारों को भी कुचल दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि 2014 से मोदी सरकार ने मनरेगा को योजनाबद्ध तरीके से कमजोर किया। बजट में कटौती, राज्यों का फंड रोकना, जॉब कार्ड हटाना और आधार आधारित भुगतान की अनिवार्यता के चलते करीब 7 करोड़ मजदूर योजना से बाहर हो चुके हैं। हालात यह हैं कि पिछले पांच सालों में औसतन 50-55 दिन से ज्यादा काम नहीं मिल पा रहा। सेंथिल ने कहा कि नया ढांचा मनरेगा को संवैधानिक अधिकार से एक शर्तों वाली केंद्रीय योजना में बदल देता है। अब राज्यों को 40 फीसदी खर्च उठाने के लिए मजबूर किया जा रहा है, जबकि नियंत्रण और श्रेय केंद्र अपने पास रखेगा। यह संघीय ढांचे पर सीधा हमला है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि नया सिस्टम रोजगार को समय-सीमा में बांधकर मजदूरों पर नियंत्रण का जरिया बन रहा है। ग्राम सभाओं और पंचायतों के अधिकार छीनकर डिजिटल कमांड सिस्टम को सौंप दिए गए हैं, जिससे विकेंद्रीकरण खत्म हो रहा है। नेशनल हेराल्ड केस में केंद्र सरकार पर साधा निशाना सेंथिल ने कहा कि नेशनल हेराल्ड मामले में कोर्ट के फैसले से मोदी-शाह की बदले की राजनीति बेनकाब हो गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि सोनिया गांधी और राहुल गांधी को टारगेट करने के लिए ईडी और सीबीआई का राजनीतिक हथियार की तरह इस्तेमाल किया गया। उन्होंने कहा कि कोर्ट ने साफ माना है कि इस मामले में कोई मूल अपराध नहीं था और ईडी की कार्रवाई कानून के खिलाफ और राजनीतिक बदले से प्रेरित थी। सात साल तक एफआईआर न होने के बावजूद अचानक 2021 में मामला दर्ज करना एजेंसियों के दुरुपयोग का उदाहरण है। सेंथिल ने कहा कि “वोट चोरी” का मुद्दा उठाने के बाद भाजपा सरकार ने झूठ, प्रोपेगेंडा और एजेंसियों के सहारे विपक्ष को दबाने की कोशिश की, लेकिन सच की जीत हुई है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह से इस्तीफे की मांग की। अंत में सेंथिल ने कहा कि कांग्रेस पार्टी इस जन-विरोधी, श्रमिक-विरोधी और संघीय ढांचे के खिलाफ हर मंच पर, सड़क से लेकर संसद तक संघर्ष जारी रखेगी। पत्रकारवार्ता में पूर्व मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया, प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला सहित कई वरिष्ठ नेता और प्रवक्ता मौजूद रहे।

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