छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिला में मनरेगा योजना के प्रावधानों में कई तरह बदलाव को लेकर कांग्रेसियों के द्वारा विरोध जताया जा रहा है। जहां रविवार को जिले के घरघोड़ा ब्लाक में काफी संख्या में कांग्रेसियों ने एक दिवसीय उपवास कर विरोध प्रदर्शन किया। देशभर में चलाए जा रहे मनरेगा बचाव संग्राम के तहत जिला कांग्रेस कमेटी रायगढ़ ग्रामीण द्वारा जिले में काम के अधिकार की रक्षा व मनरेगा को कमजोर किए जाने के विरोध में जिला स्तरीय एक दिवसीय उपवास कर प्रतीकात्मक विरोध जताया। घरघोड़ा के जय स्तंभ चौक पर दोपहर 1 बजे से प्रदर्शन शुरू हुआ। जहां जिला कांग्रेस कमेटी के ग्रामीण अध्यक्ष नगेन्द्र नेगी, शहर अध्यक्ष शाखा यादव, युवा कांग्रेस ग्रामीण अध्यक्ष उस्मान बेग समेत अन्य कांग्रेसी कार्यकर्ता उपवास में बैठ गए। इस दौरान कांग्रेस कमेटी ग्रामीण अध्यक्ष नगेन्द्र नेगी ने बताया कि साल 2005 में यूपीए सरकार के समय मनरेगा योजना लाया गया था। गांव से पलायन करने वालों के लिए योजना लागू हुआ था। ताकि मजदूरों को रोजगार मिल सके। अब कानून में बदलाव किया गया है और काम के गारंटी को खत्म कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार बोल रही कि 125 दिनों का रोजगार देंगे, लेकिन इसकी गारंटी नहीं है। ऐसे में मजूदरों के साथ अन्याय किया जा रहा है। लगातार करेंगे विरोध प्रदर्शन
युवा कांग्रेस ग्रामीण अध्यक्ष उस्मान बेग ने कहा कि मनरेगा का नाम बदलने का काम कर रही है और काम कुछ नहीं कर रही है। कांग्रेसियो ने बताया कि शाम 5 बजे तक यहां प्रतिकात्मक विरोध प्रदर्शन चलेगा और कांग्रेस मनरेगा को लेकर लगातार प्रदर्शन करेगी। इस दौरान काफी संख्या में कांग्रेसी कार्यकर्ता मौजूद रहे।


