पूर्व विधायक संयम लोढ़ा ने शनिवार को शिवगंज ब्लॉक से “मनरेगा बचाओ महाअभियान” की शुरुआत की। यह अभियान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर चलाया जा रहा है। लोढ़ा ने बड़गांव, केसरपुरा, वेरा जैतपुरा, ध्रूबाना, चूली, राड़बर, छीबा गांव, कलदरी, उथमण और पालड़ी एम सहित 10 गांवों में जनसंपर्क किया और ग्रामीणों की बैठकों को संबोधित किया। उन्होंने मनरेगा कानून को खत्म करने के विरोध में कांग्रेस के आंदोलन में सहयोग की अपील की। ग्रामीणों को संबोधित करते हुए लोढ़ा ने मनरेगा के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इस योजना ने ग्रामीण परिवारों को उनके गांव में ही रोजगार उपलब्ध कराया है, जिससे मजदूरों का शहरों की ओर पलायन रुका है। मनरेगा के तहत प्रत्येक परिवार को 100 दिन का रोजगार कानूनी अधिकार के रूप में मिलता है और समय पर मजदूरी का भुगतान होता है, जो गरीबों के लिए एक सुरक्षा कवच है। लोढ़ा ने बताया कि मनरेगा से गांवों में स्थायी विकास कार्य हुए हैं। इनमें तालाब, नाड़ियां, खेतों की मेड़बंदी, कच्ची सड़कें, चारागाह विकास, जल संरक्षण संरचनाएं और वृक्षारोपण शामिल हैं। इन कार्यों से खेती को पानी मिला, पशुपालन को बढ़ावा मिला और गांवों की आधारभूत संरचना मजबूत हुई है। उन्होंने केंद्र की भाजपा सरकार पर निशाना साधा। लोढ़ा ने आरोप लगाया कि सरकार मनरेगा को खत्म कर उसके स्थान पर “जी राम जी” योजना लाई है। इस नई योजना में न तो रोजगार की कानूनी गारंटी है और न ही नियमित मजदूरी का भरोसा। इससे गरीब, मजदूर और महिला वर्ग को सबसे अधिक नुकसान होगा। लोढ़ा ने यह भी कहा कि मनरेगा के तहत बड़ी संख्या में महिलाओं को रोजगार मिला था, जिससे वे आर्थिक रूप से सशक्त हुईं और परिवार की आय में योगदान दे सकीं। हालांकि, नई योजना में महिलाओं के लिए ऐसे स्पष्ट प्रावधान नहीं हैं। लोढ़ा ने ग्रामीणों से मनरेगा जैसे जनहितकारी कानून को बचाने के लिए कांग्रेस के “मनरेगा बचाओ महाअभियान” से जुड़ने का आह्वान किया। उन्होंने सरकार पर दबाव बनाने की अपील की ताकि मनरेगा कानून को फिर से लागू किया जा सके। इस जनसंपर्क अभियान के दौरान सिरोही कांग्रेस कमेटी के जिलाध्यक्ष लीलाराम गरासिया, शिवगंज ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष प्रवीण रावल, सरपंच संघ अध्यक्ष वेरसिंह देवड़ा सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित थे।


