भिंड में केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा योजना का नाम बदलने के फैसले के खिलाफ कांग्रेस ने शहर के गोल मार्केट में जोरदार प्रदर्शन किया। जिला कांग्रेस कमेटी शहर अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह भदौरिया ‘पिंकी’ के नेतृत्व में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष एक दिवसीय धरना देकर भाजपा सरकार की नीतियों पर सीधा हमला बोला गया। कांग्रेस नेताओं ने इसे गरीब, किसान और मजदूर विरोधी कदम बताया। धरना-प्रदर्शन को संबोधित करते हुए शहर अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह भदौरिया ने कहा कि भाजपा सरकार महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना का नाम बदलकर गांधी जी की विचारधारा और गरीबों के अधिकार दोनों को कमजोर करना चाहती है। उन्होंने कहा कि नाम बदलने से गांधी जी लोगों के दिलों से नहीं निकलेंगे, बल्कि इससे भाजपा की गरीब-विरोधी सोच उजागर होती है।भदौरिया ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार के समय मनरेगा मजदूरों के लिए जीवन रेखा थी। मनमोहन सिंह सरकार ने 15 दिन में भुगतान का कानूनी अधिकार दिया था, लेकिन भाजपा शासन में मजदूरों को महीनों भुगतान का इंतजार करना पड़ रहा है। पिछले तीन वर्षों से कई क्षेत्रों में भुगतान लंबित है, जो सीधे तौर पर मजदूरों की रोजी-रोटी पर हमला है। उन्होंने कहा कि पहले मनरेगा का पूरा खर्च केंद्र सरकार वहन करती थी, लेकिन अब नई योजना में 60 प्रतिशत केंद्र और 40 प्रतिशत राज्य सरकार पर भार डाला जा रहा है। यह व्यवस्था योजना को धीरे-धीरे खत्म करने की साजिश है। भदौरिया ने याद दिलाया कि कोरोना महामारी के दौरान जब लाखों मजदूर शहरों से गांव लौटे थे, तब मनरेगा ने ही उन्हें काम और सम्मान दिया। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि केंद्र सरकार ने मनरेगा के साथ छेड़छाड़ बंद नहीं की, तो कांग्रेस आंदोलन को और तेज करेगी। जरूरत पड़ी तो किसान और मजदूरों के हक में जेल भरो आंदोलन से भी पीछे नहीं हटेंगे।


