ग्राम पंचायत तरोंडर में मनरेगा के तहत चल रहे पोखर खुदाई कार्य में फर्जी हाजिरी का मामला सामने आया है। एनएमएमएस एप पर श्रमिकों की फोटो बदलकर उपस्थिति दर्ज करने पर महिला मेट को ब्लैकलिस्ट करने के आदेश दिए गए हैं, जबकि ग्राम विकास अधिकारी को लापरवाही बरतने पर नोटिस जारी किया गया है। तरोंडर पंचायत में पोखर खुदाई टूंडल एवं चारदीवारी निर्माण कार्य को लेकर 17 जनवरी को मनरेगा के तहत 30 श्रमिकों की मस्टरोल जारी की गई थी। आरोप है कि महिला मेट हेमलता पत्नी अवधेश द्वारा लगातार तीन दिन तक एनएमएमएस एप पर श्रमिकों की फोटो बदलकर फर्जी अपलोड किए गए। 19 जनवरी को महिला श्रमिकों ने पंचायत समिति पहुंचकर विकास अधिकारी से शिकायत की। शिकायत के बाद कनिष्ठ तकनीकी सहायक कुलदीप मीना ने सोमवार दोपहर करीब सवा 2 बजे कार्यस्थल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मस्टरोल में 30 श्रमिक दर्ज मिले, लेकिन मौके पर एक भी श्रमिक मौजूद नहीं थी। पूछताछ में मेट द्वारा तीन दिन की उपस्थिति दर्ज होना पाया गया, जबकि तीन दिन से मौके पर कोई कार्य नहीं हुआ। जांच रिपोर्ट के आधार पर महिला मेट हेमलता पत्नी अवधेश का कार्य संतोषजनक नहीं पाए जाने पर उसे ब्लैकलिस्ट कर दिया गया। उसकी जगह वेदप्रकाश पुत्र प्रभुदयाल को नया मेट नियुक्त किया गया है। वहीं, कार्य की नियमित निगरानी नहीं करने और निरीक्षण में लापरवाही बरतने पर ग्राम विकास अधिकारी श्याम वीर सिंह को नोटिस जारी किया गया है। सुबह–शाम अलग फोटो, पुरूषों की जगह महिलाएं दिखाईं तरोंडर ग्राम पंचायत में मनरेगा के तहत चल रहे पोखर खुदाई कार्य में मस्टरोल के जरिए फर्जी हाजिरी का खेल खेला गया। जांच में सामने आया कि मस्टरोल संख्या 5539 में कुल 10 श्रमिक दर्ज थे, जिनमें तीन पुरुष और सात महिलाएं शामिल थीं, लेकिन एनएमएमएस एप पर उपस्थिति दर्ज करते समय सुबह और शाम की हाजिरी के लिए अलग-अलग फोटो अपलोड किए गए। सुबह की हाजिरी में चार महिलाओं और पांच पुरुषों की मौजूदगी दिखाई गई, जबकि शाम के समय केवल महिलाओं की फोटो अपलोड कर उपस्थिति पूरी कर दी गई। इसी तरह मस्टरोल संख्या 5541 में भी गड़बड़ी सामने आई। इसमें भी तीन पुरुष और सात महिलाएं दर्ज थीं। सुबह की उपस्थिति में दो पुरुष और सात महिलाएं दिखा दी गईं, जबकि शाम की हाजिरी में केवल महिलाओं की फोटो अपलोड की गई। इस तरह फोटो बदल-बदलकर तीन दिन तक फर्जी तरीके से हाजिरी दर्ज की जाती रही। जांच में यह भी सामने आया कि इतने बड़े फर्जीवाड़े के बावजूद संबंधित ग्राम विकास अधिकारी ने कार्यस्थल का निरीक्षण नहीं किया। “तरोंडर में पोखर खुदाई कार्य को लेकर श्रमिकों की फोटो बदलकर फर्जी हाजिरी के मामले की जेटीए को मौके पर भेजकर जांच कराई गई। जिसमें मेट का कार्य संतोषजनक नही मिलने पर महिला मेट हेमलता पत्नी अवधेश को ब्लैकलिस्ट कर उसकी जगह वेदप्रकाश पुत्र प्रभुदयाल को दूसरा मेट नियुक्त किया है। साथ ही ग्राम विकास अधिकारी श्याम वीर सिंह को कार्य में लापरवाही बरतने पर नोटिस दिया गया है।”
-मुरारीलाल गौतम , विकास अधिकारी


