मनीषा गुलियानी की अनूठी प्रस्तुति ने बांधा समां:90 मिनट तक दी एकल कथक नृत्य की प्रस्तुति, राग ललित में की दमदार शुरुआत

जवाहर कला केंद्र और कलावर्त व प्रेरणा श्रीमाली कथक संस्था की सहभागिता में तीसरे युवा एकल कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कृष्णायन सभागार में कथक नृत्यांगना मनीषा गुलियानी ने अपनी 90 मिनट की एकल प्रस्तुति से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम की शुरुआत मनीषा ने राग ललित में निबद्ध गणेश वंदना, ‘विघ्न हरण गवरी के नंदन’ पर कथक के साथ की। इसके बाद उन्होंने जयपुर घराने की विशिष्ट शैली में विलंबित तीन ताल पर कथक नृत्य प्रस्तुत किया। इस दौरान थाट, उठान, गणेश परण, आमद, तोड़े, परमेलू, सादा परण, चक्करदार परण और तिहाइयों ने दर्शकों को प्रभावित किया। अगली प्रस्तुति में राग पहाड़ी में निबद्ध ठुमरी ‘छाड़ो जी छाड़ो मोहे बिहारी, नारी देखे सगरी’ रही। इसके बाद कवित्त अंग की रचनाओं और चक्करदार तोड़ों की आकर्षक प्रस्तुति हुई। कार्यक्रम का समापन मनीषा ने गीता के एक श्लोक के साथ किया। जिसने जिसने सभी को आध्यात्मिक अनुभव कराया। इस प्रस्तुति में रमेश मेवाल ने गायन और हार्मोनियम, मोहित चौहान ने तबला, मनस्विनी शर्मा ने पढ़ंत और मोहम्मद इरफान ने सितार पर संगत की।

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