क्रय-विक्रय सहकारी समिति, निंबाहेड़ा के अध्यक्ष और निंबाहेड़ा पंचायत समिति के पूर्व प्रधान गोपाल आंजना ने शुक्रवार को श्री सांवलिया जी मंदिर में 340 ग्राम चांदी का ट्रैक्टर अर्पित किया। यह भेंट उन्होंने अपनी मन्नत पूरी होने के बाद सांवरा सेठ को चढ़ाई। गोपाल आंजना दोपहर के समय अपने परिवार और पूर्व सहकारिता मंत्री उदयलाल आंजना के साथ मंदिर पहुंचे और विधि-विधान से दर्शन कर चांदी का ट्रैक्टर मंदिर प्रशासन को सौंपा। परिवार के साथ पहुंचे, श्रद्धा पूर्वक चढ़ाए भेंट गोपाल आंजना ने सांवलिया जी मंदिर पहुंचकर पहले भगवान के दर्शन किए और इसके बाद अपनी मन्नत के अनुसार चांदी का ट्रैक्टर चढ़ाया। उनके साथ परिवार के सदस्य भी मौजूद रहे। गोपाल आंजना ने कहा कि सांवरा सेठ पर उनके पूरे परिवार की अटूट और असीम आस्था है। परिवार की हर सफलता और सुख-शांति को वे सांवरा सेठ की कृपा मानते हैं। उन्होंने कहा कि भगवान के नाम से ही सब कुछ चलता है और जीवन में जो भी मिला है, वह उनकी कृपा से ही मिला है। मन्नत पूरी होने पर अर्पण की भेंट गोपाल आंजना ने बताया कि उन्होंने सांवरा सेठ से एक मन्नत मांगी थी, जो अब पूरी हो गई है। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि मन्नत क्या थी। उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि जब मन की इच्छा पूरी होती है, तो प्रभु के चरणों में कुछ न कुछ अर्पित करने की भावना अपने आप आती है। इसी भावना के तहत उन्होंने चांदी का ट्रैक्टर बनवाकर सांवलिया जी को चढ़ाया। श्रद्धालुओं का मानना है कि सांवरा सेठ अपने भक्तों की हर सच्ची मुराद पूरी करते हैं। करीब 1.20 लाख रुपए की बताई कीमत बताया जा रहा है कि वर्तमान में चांदी के भाव को देखते हुए 340 ग्राम चांदी की कीमत करीब एक लाख 20 हजार रुपए आंकी जा रही है। चांदी का ट्रैक्टर खास तौर पर बनवाया गया है, जो खेती और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। श्री सांवलिया जी को चांदी, सोना और अन्य धातुओं से बनी वस्तुएं चढ़ाने की परंपरा पहले से चली आ रही है, जिसमें देश-प्रदेश से श्रद्धालु हिस्सा लेते हैं। व्यापार और राजनीति दोनों में सक्रिय गोपाल आंजना निंबाहेड़ा के जाने-माने व्यापारी भी हैं। वे आयशर कंपनी की ट्रैक्टर एजेंसी चला रहे हैं और निंबाहेड़ा में उनका ट्रैक्टर का शोरूम भी है। उन्होंने बताया कि वे पिछले करीब 8 सालों से ट्रैक्टर का व्यवसाय कर रहे हैं। इसके साथ ही वे सहकारी और पंचायत राजनीति में भी सक्रिय भूमिका निभा चुके हैं। स्थानीय लोगों में उनकी पहचान एक सफल व्यापारी और सामाजिक व्यक्ति के रूप में है। वहीं पूर्व सहकारिता मंत्री उदयलाल आंजना भी उनके रिश्तेदारी में आते है। सांवरा सेठ पर अटूट विश्वास गोपाल आंजना ने कहा कि सांवरा सेठ पर विश्वास ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा कि मेहनत के साथ-साथ भगवान की कृपा जरूरी होती है और यही विश्वास उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। सांवलिया जी मंदिर में इस तरह की भेंट से एक बार फिर यह साबित हुआ कि भक्त अपने आराध्य के प्रति किस तरह गहरी आस्था और श्रद्धा रखते हैं।


