भास्कर न्यूज| लुधियाना महिला मंडल व समूह इलाका वासियों के सहयोग से लोहारा के गुरमेल नगर में संगीतमय श्रीराम कथा का आयोजन लगातार जारी है। कथा में मिथिला धाम वाले बाल संत मनोज महाराज ने कहा कि मन सुख और दुख के बंधन से मुक्त है और मन को वश में करने वाला व्यक्ति श्रेष्ठ मानव कहा जाता है। भरत जैसे भाई का चरित्र, लक्ष्मण जैसी सेवा और हनुमान जी जैसी भक्ति अतुलनीय है। यही सभी को अपने चरित्र में उतारना चाहिए। मन और मन को बस में करने वाला मनुष्य महामानव कहा जाता है। मन के वश में रहने वाला मनुष्य आध्यात्मिक मार्ग से भटक जाता है। मन के जीते जीत है। मन के हारे हार। ऐसे में हमें चतुराई से मन को वश में करना पड़ता है। भगवान या भगवान के संत के सहारे अपने बुरे संकल्पों विकल्पों को मिटाकर हम अपने मन को ईश्वर की आराधना में लगाते हैं। जिन्होंने मन को वश में किया वह श्रेष्ठ मानव कहलाया है। इस मौके पर चंद्र भान चौहान, अशोक ठाकुर, रविन्द्र कटोच, कांता देवी, भूपेंद्र ठाकुर, दीदार ठाकुर, शारदा देवी, संतोष कुमारी कटौच, दिव्यांश ठाकुर, हर्ष कटोच, दिलीप श्रीवास्तव, डॉ. राधेश्याम मिश्रा, जय प्रकाश पाण्डेय ,अनुराग पाण्डेय आदि मौजूद रहे।


