मप्र का पहला फाइव स्टार ओल्ड एज रिसॉर्ट तैयार:150 लग्जरी रूम, थिएटर और गोल्फ क्लब भी; 50 हजार रुपए महीना रहेगा किराया

वृद्धाश्रम जहां बेसहारा बुजुर्ग रहते हैं। जिंदगी भर संघर्ष के वक्त यहां आखिरी वक्त काटते हैं। अब तक लोगों के मन यही धारणा है। लेकिन इस धारणा को तोड़ने के लिए गोल्डन ओल्ड एज रिसॉर्ट बनाया गया है। फाइव स्टार सेवाएं देने वाला यह प्रदेश का पहला लिविंग रिसॉर्ट है। इसे उज्जैन-इंदौर रोड पर 16 एकड़ में 100 करोड़ रुपए की लागत से बनाया गया है। वाईफाई से लैस बिल्डिंग में 24 घंटे भोजन की सुविधा है। रिसॉर्ट परिसर में ही 52 प्रकार की हरी सब्जियां और फ्रूट्स उगाए जा रहे हैं। 150 हाई क्लास कमरे बनाए गए हैं। बिल्डिंग की डिजाइन ऐसी है कि प्रत्येक कमरे में पर्याप्त रोशनी और हवा पहुंचती है। बुजुर्गों के लिए प्राथमिक उपचार की व्यवस्था के अलावा एम्बुलेंस सेवा भी दी जा रही है। ओल्ड एज गोल्ड युग रिसॉर्ट के फाउंडर संदेश शारडा ने बताया कि देश में 55 प्लस ऐसे कई सीनियर सिटीजन हैं, जिनके बच्चे यूएसए, कनाडा, यूके, सिंगापुर में रहते हैं। उनके पास अच्छी सुविधाएं और फेसेलिटी हैं। लेकिन उनके माता-पिता रुपए खर्च करने के बाद भी सुविधाओं से वंचित हैं। बेटे के पास सबकुछ होने के बाद भी मां-बाप तकलीफ में हैं। 50 हजार रुपए मासिक किराये में सारी सुविधाएं संदेश ने बताया कि देश में एनआरआई को प्रॉपर्टी ट्रांसफर करने के लिए बहुत परेशान होना पड़ता है। दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ते हैं। घूस देनी पड़ती है लेकिन इस रिसॉर्ट में मासिक 50 हजार रुपए रेंट देकर रह सकते हैं। 20 लाख रुपए प्रत्येक व्यक्ति डिपॉजिट करना पड़ेगा। यह रकम नहीं रहने पर नॉमिनी को दी जाएगी। अगर रिसॉर्ट छोड़कर जाते हैं तो डिपॉजिट राशि को वापस कर दिया जाएगा। डायबिटीज को ध्यान में रख फल तैयार कर रहे यहां टमाटर, मशरूम, मूली, गोभी, आलू, भिंडी, पालक, लाल पालक, चुकंदर, धनिया समेत कई तरह की सब्जियां हाईड्रोपोनिक तकनीक, वर्टिकल फार्मिंग और ड्रिप इरेगेशन पद्धति से उगाई जा रही है। इसी तरह फ्रूट्स में पपीता, अमरूद, लीची, केला, संतरा सहित अन्य फ्रूट्स का गार्डन बनाया है। बुजुर्गों में डायबिटीज को ध्यान में रखते हुए अमरुद और पपीता तैयार किए जाते हैं। बिल्डिंग में 14 हजार स्कवेयर फीट में कोर्ट यार्ड बनाया है। जिससे बुजुर्ग खुद को अकेला महसूस न करें। 600 और 750 स्कवेयर फीट के रूम हैं। बुजुर्गों के परिवार के लोग जो मिलने आएंगे, उनके लिए पांच गेस्ट हाउस बनाए गए हैं। कार की पार्किंग भी है। यहां रहने वालों को आनंद आएगा, क्योंकि इंडोर, आउडोर गेम्स भी खेल सकते हैं। गोल्फ का ग्राउंड और मंदिर भी है।
– नितिन श्रीमाली, आर्किटेक्ट एंड एसोसिएट

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *