13 जनवरी से 26 फरवरी तक होने जा रहे प्रयागराज महाकुंभ-2025 की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। प्रयागराज कुंभ-2019 के मुकाबले, महाकुंभ में आने वाले करीब 45 करोड़ श्रद्धालुओं, साधु-संतों और पर्यटकों को इस बार और अच्छा अनुभव होगा। इस बार सिंगल यूज प्लास्टिक मुक्त महाकुंभ का संकल्प लिया गया है। श्रद्धालुओं व पर्यटकों के लिए 101 स्मार्ट पार्किंग, 44 पक्के घाट, 100 बेड का अस्पताल, क्यूआर आधारित पास, बहुभाषी डिजिटल खोया-पाया केंद्र, डिजिटल निगरानी और उनकी हेड काउंटिंग की व्यवस्था भी की गई है। मुंबई की मरीन ड्राइव की तर्ज पर प्रयागराज में गंगा किनारे 15.25 किमी लंबाई में बना रिवर फ्रंट भी श्रद्धालुओं के आकर्षित करेगा। रविवार को उप्र के जल शक्ति व बाढ़ नियंत्रण मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने ये दावा पत्रकारों से चर्चा के दौरान किया। पूरे प्रयागराज में तीन लाख पौधे रोपे गए मप्र के लोगों को महाकुंभ का न्योता देते हुए उन्होंने कहा कि उप्र सरकार हर राज्य में जाकर इस भव्य आयोजन में शामिल होने के लिए लोगों को आमंत्रित कर रही है। मंत्री स्वतंत्र देव ने कहा कि यह स्वच्छ, स्वस्थ्य, सुरक्षित व डिजिटल महाकुंभ है। मेला परिसर को पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए सिंगल यूज प्लास्टिक मुक्त महाकुंभ का संकल्प लिया गया है। इस अभियान के तहत मेला क्षेत्र में दोना-पत्तल विक्रेताओं की दुकानों का आवंटन, 400 स्कूल के प्रधानाचार्यों के साथ स्वच्छता पर बैठक, 4 लाख बच्चों और प्रयागराज की जनसंख्या के 5 गुना नागरिकों तक स्वच्छ महाकुंभकी पहल को पहुंचाया जा रहा है। साथ ही हर घर दस्तक अभियान के तहत सिंगल यूज प्लास्टिक मुक्त महाकुंभ का संदेश भी घर-घर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ग्रीन कुंभ बनाने के लिए पूरे प्रयागराज में करीब तीन लाख पौधे रोपे गए हैं।


