गुना | रेलवे स्टाफ के क्वाटरों की हालत बेहद खराब है। अब मरम्मत के नाम पर कर्मचारियों की परेशानियां और बढ़ा दी गई हैं। हाल यह है कि कुछ क्वाटर में टॉयलेट की मरम्मत के लिए उनकी दीवारें गिरा दी गईं और फिर काम बंद कर दिया गया। दो माह से कर्मचारी परेशान हो रहे हैं। लोको पायलट हुकमसिंह प्रजापत ने बताया कि करीब दो माह पहले उनके यहां मरम्मत के नाम पर टॉयलेट की दीवारें गिरा दी गईं। इसके बाद काम ठप हो गया। तब से अब तक वे गुना से लेकर भोपाल तक गुहार लगा चुके हैं। उनका कहना है कि यह टॉयलेट उनकी रसोई के ठीक सामने है। जब घर में कोई इसका इस्तेमाल करता है तो बाकी लोगों को बाहर रहना पड़ता है। दो माह से वे इसी तरह परेशान हो रहे हैं। रेलवे कॉलोनी में रहने वाले कई लोगों का कहना है कि हर क्वाटर में ऐसी या इससे मिलती-जुलती समस्याएं हैं। इस तरह से जवाबदेही से बचते हैं अधिकारी रेलवे परिसर में सुविधाएं मुहैया कराने की जिम्मेदारी रेलवे के आईओडब्ल्यू विभाग के इंजीनियर चेतन जैन की है। उनसे जब इस संबंध में बात की गई तो उन्होंने रेलवे अधिकारियों का रटा-रटाया जवाब दे दिया। उन्होंने कहा – हमें मीडिया से बात करने की अनुमति नहीं है। आप भोपाल में पदस्थ पीआरओ से बात करें। जब उनसे कहा गया कि यह तो लोकल मुद्दा है। इसमें पीआरओ से क्या जवाब मांगा जाएगा? जैन ने इसका कोई जवाब नहीं दिया।


