मरीजों को बांटी जा रही दवा की गोलियों में काले धब्बे, जांच के लिए भेजा सैंपल

भास्कर न्यूज|कवर्धा कबीरधाम जिले के सरकारी अस्पतालों में मरीजों को घटिया क्वालिटी की दवा की गोलियां बांटने का मामला सामने आया है। बुखार और हल्के दर्द के लिए मरीजों को दी जा रही पैरासिटामोल 500 एमजी की टैबलेट में काले धब्बे पाए गए हैं। दवा की हालत देखकर ही उसकी गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। गंभीर बात यह है कि गोलियों में काले धब्बे दिखाई देने के बाद भी सरकारी अस्पतालों में इसके वितरण पर रोक नहीं लगाई गई है। लोगों की शिकायत के बाद उसकी सत्यता जांचने के लिए दैनिक भास्कर की टीम ने गुरुवार को जिला अस्पताल कवर्धा, सीएचसी सहसपुर लोहारा और पीएचसी ओड़िया से दवा की गोलियां खरीदीं। इनमें छोटे-छोटे काले धब्बे दिखाई दिए। यह फंगस के लक्षण हो सकते हैं। हालांकि, भास्कर इसकी पुष्टि नहीं करता है। दवाओं के असर को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। कुछेक सरकारी अस्पतालों ने काले धब्बे लगे गोलियों को नष्ट भी किया है। वहीं सीएमएचओ डॉ. बीएल राज का कहना है इसकी शिकायत मिली है जिसे गंभीरता से लेकर जांच के लिए भेजा गया है। एक पत्ता में 10 टैबलेट होती हैं। एक डिब्बा में 100 टैबलेट रहती हैं। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में हर दिन औसतन 250 से 300 टैबलेट मरीजों को दी जा रही हैं। जिले में एक जिला अस्पताल, 6 सामुदायिक अस्पताल, 25 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और 145 सब सेंटर संचालित हो रहे हैं। हर सेंटर में रोजाना औसतन 200 टैबलेट मरीजों को दी जा रही हैं। इस हिसाब से पूरे जिले में हर महीने 10 लाख से ज्यादा टैबलेट की खपत हो रही है। {गड़बड़ी की आशंका : कवर्धा ड्रग वेयर हाउस की असिस्टेंट मैनेजर रेखा मरकाम ने बताया कि सीजीएमएससी से दवा की सप्लाई होती है। ऊपर से जैसी सप्लाई आई थी, वैसी ही अस्पतालों को भेजे गए हैं। इसमें गड़बड़ी की आशंका के चलते सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। {पत्र भेजकर अवगत कराया: सीएमएचओ डॉ. बीएल राज का कहना है कि स्वास्थ्य केंद्रों से पैरासिटामोल टैबलेट में काले धब्बे होने की शिकायतें सामने आई थीं। इन शिकायतों को गंभीरता से लिया गया। इसके बाद सीजीएमएससी को पत्र भेजकर अवगत कराया गया है।

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