संभाग के सबसे बड़े पीबीएम हॉस्पिटल में ईसीजी जांच की सुविधा अब मरीज़ों को बेड पर ही उपलब्ध होगी। पहली बार ईसीजी मशीन के टेंडर में एनएबीएल सर्टिफाइड फर्म की एंट्री हुई है। फर्म को सोमवार से काम शुरू करने के लिए वर्क ऑर्डर जारी कर दिए गए हैं। पीबीएम हॉस्पिटल में इमरजेंसी, ओपीडी या आईपीडी के मरीज़ों को ईसीजी जांच के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। न ही टेक्नीशियन का लंबा इंतजार करना होगा। दीवार पर लगे क्यूआर कोड स्कैन करने या हेल्पलाइन नंबर डायल करने के कुछ ही देर में टेक्नीशियन मशीन सहित आकर बेड पर ही मरीज़ की जांच करेगा और हाथों हाथ रिपोर्ट थमा देगा। इससे मरीज़ को तत्काल उचित उपचार देने में काफी मदद मिलेगी। ईसीजी मशीन विद टेक्नीशियन का टेंडर इस बार डॉ. बोथरा डायग्नोस्टिक एंड इमेजिंग सेंटर को मिला है। टेंडर शर्तों के तहत यह फर्म एनएबीएल सर्टिफाइड है । गौरतलब है कि इस टेंडर को लेकर काफी विवाद हुआ था। एस पी एम सी प्रिंसिपल डॉ. सुरेंद्र कुमार वर्मा ने अधीक्षक रहते हुए यह टेंडर लगाया था। उन्होंने एनएबीएल सर्टिफाइड फर्म होने की शर्त भी रखी, लेकिन एक अपील के दबाव में 1.20 करोड़ का यह टेंडर निरस्त कर दिया। इस फैसले के खिलाफ दूसरी फर्म ने चिकित्सा आयुक्त के समक्ष अपील की, जिसे स्वीकार करते हुए उन्होंने एनएबीएल सर्टिफाइड फर्म के पक्ष में निर्णय दिया। ईसीजी स्टेशन में 24 घंटे मशीनें होंगी पीबीएम हॉस्पिटल में पहली बार ईसीजी मशीनों के लिए स्टेशन बनाया जाएगा। इसके लिए अधीक्षक से अलग कक्ष मांगा गया है। इस कक्ष में 24 घंटे मशीन और टेक्नीशियन की सुविधा रहेगी। फर्म के अनुसार यदि किसी मरीज़ को ईसीजी करानी है और ओपीडी या इमरजेंसी में भीड़ है तो वह स्टेशन में करवा सकेगा। टेक्नीशियनों की बायोमेट्रिक हाजिरी, ट्रैकिंग सिस्टम भी ईसीजी टेक्नीशियनों की हाजिरी बायोमेट्रिक लगेगी। इसका एक्सेस पीबीएम अधीक्षक और नोडल अधिकारी के पास होगा। इसके साथ ही टेक्नीशियनों का ट्रैकिंग सिस्टम भी बनाया जाएगा। इससे अधीक्षक को यह पता रहेगा कि कौन सा टेक्नीशियन कहां है। “ईसीजी मशीन की निविदा का वर्क ऑर्डर जारी कर दिया गया है। मरीज़ों की सुविधा को देखते हुए ईसीजी की जांच 24 घंटे उपलब्ध रहेगी। हेल्पलाइन पर कॉल करते ही टेक्नीशियन वार्ड में पहुंच जाएगा।” -डॉ. बीसी घीया, अधीक्षक, पीबीएम हॉस्पिटल 40 टेक्नीशियन राउंड द क्लॉक काम करेंगे ईसीजी मशीन से जांच के लिए 40 टेक्नीशियन लगाए जाएंगे, जो राउंड द क्लॉक काम करेंगे। मशीन के खराब होने पर फर्म को तत्काल दूसरी मशीन की व्यवस्था करनी होगी। मशीनों की मेंटेनेंस की जिम्मेदारी भी फर्म की होगी। पूर्व में यह व्यवस्था नहीं थी, जिससे मरीज़ों की जांचें समय पर नहीं हो पाती थीं। हृदय के संकेतों से पता चलता है मर्ज ईसीजी एक सरल, दर्द रहित और सुरक्षित टेस्ट है, जो हृदय की विद्युत गतिविधि को रिकॉर्ड करता है, जिससे डॉक्टर हृदय की धड़कन की गति, लय और किसी भी असामान्यता (जैसे दिल का दौरा या अतालता) का पता लगा पाते हैं। यह छाती, हाथ और पैरों पर छोटे पैड (इलेक्ट्रोड) लगाकर किया जाता है जो हृदय के संकेतों को मशीन तक पहुंचाते हैं और इसका ग्राफ प्रिंट होता है।


