भास्कर न्यूज । चतरा जिले के चार प्रखंडों में वर्षा मापक यंत्र नहीं है। इनमें एक प्रखंड में वर्षा मापक यंत्र है, पर राशि के अभाव में अधिष्ठापन नहीं किया गया है। एक प्रखंड वर्षा मापक यंत्र का कुछ उपकरण की चोरी हो गई है। शेष दो प्रखंड में वर्षा मापक यंत्र और मेजरींग ग्लास खराब है, ऐसी परिस्थिति में प्रखंड के प्रखंड कृषि पदाधिकारी को वर्षा माप करने और दैनिक प्रतिवेदन बनाने में कठिनाई हो रही है। जिन प्रखंडों में वर्षा मापक यंत्र और मेजरींग ग्लास क्षतिग्रस्त हो गया है, उस प्रखंड के प्रखंड कृषि पदाधिकारी ने जिला सांख्यिकी पदाधिकारी को पत्र लिख कर यथा शीघ्र वर्षा मापक यंत्र और मेजरींग ग्लास उपलब्ध कराने की मांग की थी।लेकिन अब तक प्रखंड कृषि पदाधिकारी को वर्षा मापक यंत्र नहीं मिले। इसके कारण जिले में चार प्रखंडों को छोड़कर ही वर्षापात का आंकड़ा लिया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि जिले में 12 प्रखंड है। इनमें चतरा, हंटरगंज, प्रतापपुर, कुंदा, लावालौंग, सिमरिया, टंडवा, पत्थलगड़ा, गिद्धौर, मयूरहंड, ईटखोरी और कान्हाचट्टी प्रखंड शामिल है। इन सभी प्रखंडों का वर्षापात मापने के लिए प्रखंड मुख्यालयों में लगभग 17 साल पहले वर्षा मापक यंत्र और मेजरींग ग्लास लगाई गई थी। इनमें दो प्रखंडों में वर्षा मापक यंत्र और मेजरींग ग्लास क्षतिग्रस्त हो गया है। एसी परिस्थिति में प्रखंड कृषि पदाधिकारी चाहकर भी वर्षापात का रिपोर्ट नहीं भेज रहे हैं।अब सवाल यह उठता है कि क्या चार प्रखंडों के बिना जिले का वर्षापात का आंकड़ा सही आएगा। जिले के दो प्रखंडों में वर्षा मापक यंत्र और मेजरींग ग्लास क्षतिग्रस्त है। इन प्रखंडों में गिद्धौर और प्रतापपुर प्रखंड शामिल है। जबकि चतरा प्रखंड में वर्षा मापक यंत्र का कुछ उपकरण की चोरी हो गई है। जबकि कुंदा प्रखंड में वर्षा मापक यंत्र उपलब्ध ह, पर अधिष्ठापित नहीं किया गया है। बताया जाता है कि राशि के अभाव में यंत्र का अधिष्ठापन नहीं किया गया। इस संबंध में जिला सांख्यिकी पदाधिकारी प्रेम सुमन तिग्गा से उनके मोबाइल पर संपर्क किया, पर बात नहीं हुई। मौसम के अध्ययन में वर्षा एक महत्वपूर्ण हिस्सा : राजेश कुमार सिंह आत्मा उप परियोजना निदेशक राजेश कुमार सिंह ने बनाया कि मौसम संबंधी तत्वों के अध्ययन में वर्षा एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। वर्षा को मापना उत्पादन और जीवन के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। वर्षा पर फसलों की पैदावरी और मानव जीवन टीका है। इसलिए वर्षापात का सही आंकड़ा लेना जरुरी है। भास्कर न्यूज | चतरा सिविल सर्जन कार्यालय के सभागार में बुधवार को मलेरिया विभाग की समीक्षा बैठक हुई। इसकी अध्यक्षता जिला वीबीडी कंसलटेंट अभिमन्यु कुमार ने की। बैठक में विभाग की ओर से पिछले माह किए गए कार्य व कार्यक्रमों की समीक्षा की गई। इसके बाद इस माह में संचालित कार्यों की रूपरेखा तैयार की गई। जिला वीबीडी कंसलटेंट अभिमन्यु कुमार ने कर्मियों को बताया कि मलेरिया के रोकथाम को लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। लोगों को मलेरिया से बचाव के लिए जागरूक करना जरूरी है। उन्होंने अधिक से अधिक लोगों का स्लाइड कलेक्शन करने, मलेरिया प्रभावित क्षेत्रों में कैंप लगाने तथा मलेरिया संभावित क्षेत्रों में दवाई का छिड़काव करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जिस भी क्षेत्र से मलेरिया रोगियों की पहचान होती है। वहां विशेष सतर्कता बरतें। स्लाइड कलेक्शन के दौरान चिन्हित रोगियों को इलाज के लिए नजदीक स्वास्थ्य केंद्रो तक लाएं। बैठक में एमटीएस गुलाम सरवर, एमपीडब्ल्यू आनंद किशोर कुमार,सुधांशु कुमार,रूपेश कुमार, रंजीत कुमार मिश्रा सहित अन्य कई उपस्थित थे।


